इमरान को खत्म करने पर तुली शरीफ सरकार, उठाने जा रही ये कदम, अब क्या करेंगे पूर्व पीएम?

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार पूर्व क्रिकेटर और प्रधानमंत्री इमरान खान को पूरी तरह खत्म करने पर तुली है. सेना से टकराव मोलने के कारण सत्ता से बाहर हुए इमरान खान के खिलाफ नवाज सरकार बड़ी कार्रवाई करने की योजना पर काम कर रही है. सुप्रीम कोर्ट से राहत दिए जाने के बावजूद नवाज सरकार इमरान खान को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही है. उनके खिलाफ रोज नए-नए मामले खोदकर निकाले जा रहे हैं. अब ताजा मामले में उनकी पार्टी पर ही संकट आन पड़ा है. पिछले दिनों इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा के मामले को ही नवाज सरकार उनके खिलाफ इस्तेमाल करने जा रही है. पाकिस्तान सरकार इस मामले में उनकी पार्टी को ही खत्म करने की योजना पर काम कर रही है.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सरकार इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के खिलाफ पाबंदी लगाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों पर खान के समर्थकों द्वारा हमले किये जाने के बाद यह कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि अर्द्धसैनिक बल के कर्मियों द्वारा खान (70) को गिरफ्तार किये जाने के बाद, नौ मई को देश भर में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे थे उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाहौर कोर कमांडर आवास, मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई (इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस) भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी.

थलसेना मुख्यालय पर हमला
पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार, भीड़ ने रावलपिंडी में थलसेना मुख्यालय पर हमला किया पुलिस ने हिंसक झड़पों में मारे गये लोगों की संख्या 10 बताई थी. आसिफ ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा कि खान सैन्य एवं नागरिक प्रतिष्ठानों पर अपने समर्थकों द्वारा किये गये हमलों की निंदा करने को अब भी अनिच्छुक हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यदि सरकार पूर्व में सत्तारूढ़ रहे इस दल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला करती है तो इसे मंजूरी के लिए संसद को भेजा जाएगा. ’’

मंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री खान सेना को अपना दुश्मन समझते हैं मंत्री ने कहा,‘‘उनकी (खान की) पूरी राजनीति सेना के सहारे हुई है और आज उन्होंने अचानक इसके खिलाफ खड़े होने का फैसला किया है.’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि खान की पार्टी छोड़ चुके नेताओं का भी यही कहना है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं जो कुछ कह रहा हूं, वही बात खान की पार्टी छोड़ चुके नेताओं ने भी कही है उन्होंने कहा है कि हर चीज रणनीति के अनुसार हुई.’’

उन्होंने सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की निंदा नहीं करने को लेकर भी खान की आलोचना की आसिफ ने कहा, ‘‘अब तक, उन्होंने (खान ने) स्पष्ट शब्दों में (हिंसा की) निंदा नहीं की है. उनका कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, वह हिरासत में थे उनके पास उनका फोन था, उन्होंने यह बात दोहराई थी कि इस प्रतिक्रिया की आशंका थी और यदि उन्हें गिरफ्तार किया गया तो यह फिर से होगा.’’आसिफ ने दावा किया कि देशभर में नौ मई को सैन्य प्रतिष्ठानों में की गई तोड़फोड़ समन्वित हमला था, जिसकी साजिश खान ने रची थी.

हालांकि, खान की पार्टी के नेता बैरिस्टर अली जफर ने कहा कि प्रतिबंध को अदालत में चुनौती दी जाएगी क्योंकि राजनीतिक दल पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती. उन्होंने मीडिया को बताया कि जब 1960 के दशक में जमात ए इस्लामी पर पाबंदी लगाई गई थी कि तब तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश अल्विन रॉबर्ट कॉर्नेलियस ने इसे निरस्त कर दिया था. इस बीच, खान की पार्टी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री आज शाम सात बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

(इनपुट पीटीआई)

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Author: Up Head Line

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