
कौशांबी जिले में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का आगमन हुआ। राज्यपाल सैयद सरावा स्थित जामिया अरफिया मदरसे में संत सारंग कन्वेंट बिल्डिंग के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहां की जिसके पास इल्म और अदब नहीं है वह मां बाप के होते हुए भी यतीम है।
बुधवार 24 मई को केरल के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान चायल तहसील क्षेत्र के सैयद सरावा गांव स्थित मदरसा जामिया अरफिया मैं दोपहर लगभग 2:30 बजे पहुंचे। सबसे पहले राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद वह मदरसा स्थित दरगाह बाबा आरिफ सफी की मजार पर माथा टेका। इसके बाद उन्होंने मदरसे में संत सारंग कॉन्वेंट स्कूल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बोलते हुए केरल के राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान ने कहा कि जिसके पास इल्म(ज्ञान) जिसके पास अदब (संस्कार) नही है। वह मां-बाप के होते हुए भी यतीम(अनाथ) है। इसके अलावा उन्होंने मेधावी छात्रों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अच्छा लग रहा है कि यहां पर पहले से ही एजुकेशन देने का काम हो रहा है। अब कन्वेंट मैं इंग्लिश हिंदी और संस्कृत भी पढ़ाई जाएगी। केरल में RSS को बैन करने की बात पर कहां की मेरे लिए यह मुनासिब नहीं है। डेमोक्रेसी में सब को बोलने का हक है। इसमें परेशानी क्यों होती है। अगर अपने से अलग राय मैं सुनो तो मुझे क्यों तकलीफ होनी चाहिए। नए संसद भवन के उद्घाटन पर कई राजनीतिक पार्टियों के शामिल ना होने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ठीक है। हर किसी को अपनी राय रखने का हक़ है। अल्टीमेट्रिक जो भी सार्वजनिक जीवन में है, अल्टीमेटली तो इस देश के लोग फैसला करते हैं कि क्या होने वाला है। हिजाब पर कहा कि आदमी को डिसेंटली ड्रेस होना चाहिए। आदमी को भी होना चाहिए और औरत का भी होना चाहिए। पाबंदियां सही नहीं है।बाकी हरेक की अपनी मर्जी है। स्कूलों का अपना हक है की कि वह अपना यूनिफॉर्म तय कर सके। इंडिविजुअल के लिए आप थोड़ी प्रतिबंध लगा रहे हैं। इंडिविजुअल को पूरी आजादी है
मो0 यासीन/कौशाम्बी








