
कासिम खान/नूंह. भारत एक प्राचीन देश है. इसकी ऐतिहासिक धरोहर ही इसकी पहचान है. भारत अपनी शानदार नक्काशी से सजे महल, बावड़ी, मंदिर, मस्जिद आदि के लिए पहचाना जाता है. हरियाणा में भी बहुत सी ऐसी ऐतिहासिक धरोहर हैं जिन्हें देख कर आपकी आँखे खुली की खुली ही रह जाएगी. लेकिन कुछ ऐतिहासिक धरोहर ऐसी भी हैं जो प्रशासनिक उपेक्षा के कारण खत्म होती जा रही है. इन ऐतिहासिक धरोहरों की तरफ न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही पुरात्तव विभाग का ध्यान जा रहा है.
हरियाणा के नूंह जिले में एक ऐसी ही ऐतिहासिक धरोहर हैं जो खंडहर का रूप लेती जा रही है.जिले के पिनगवां कस्बे में राजा नल के महल, बावड़ी, मकबरा और कुआं हैं. लेकिन इनकी हालत आज देखने लायक नहीं बची है. यह ऐतिहासिक धरोहर आज खंडहर बनती जा रही है. जिले में केवल यह ही नहीं इसके अलावा भी अनेक ऐतिहासिक धरोहर मौजूद है. लेकिन इन ऐतिहासिक इमारतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. यदि समय रहते इन्हे बचाया नहीं गया तो शायद जिले की गंगा-जमुना तहजीब का अंत हो जाएगा.
ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के लिए उठाना होगा ठोस कदम
जिले की कुछ ऐतिहासिक धरोहरों को पुरात्तव विभाग ने अपने कब्जे में लिया है लेकिन विभाग ने उनको बचाने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया. कुछ समाजसेवी सरकार से लगातार मांग करते हुए आ रहे हैं कि इस जिले का गौरवशाली इतिहास रहा है. यहां अनेक राजाओं ने राज किया लेकिन हिन्दू-मुस्लिमों में कभी बवाल नहीं हुआ. ऐतिहासिक इमारतों से पूरा जिला भरा हुआ है इसलिए सरकार को इन ऐतिहासिक इमारतों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए. जिससे आने वाली युवा पीढ़ी इतिहास को समझ सके.
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FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 14:17 IST








