
अरविंद शर्मा/भिंड. मध्य प्रदेश के भिंड जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आयी है. अस्पताल में मरीजों को कागज पर एक्स-रे की प्रिंट निकाल कर दी जा रही है. इस लापरवाही का नतीजा अस्पताल में आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. बता दें कि इन दिनों जिले के सरकारी अस्पताल में ओपीडी की संख्या काफी अधिक है. ऐसे में कुछ अस्पताल में मरीज एक्स-रे कराने के लिए पहुंच रहे हैं. अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो है, लेकिन एक्स-रे फिल्म ना होने कारण मरीज को रिपोर्ट फोटो कॉपी वाले सादा ए-4 साइज के पेपर पर दी जा रही है.
ऐसे में मरीज और डॉक्टर दोनों असमंजस में है कि आखिर हम रिपोर्ट को कैसे चेक करें. कई बार चेस्ट में इन्फेक्शन का भी पता लगाना मुश्किल हो रहा है. भिंड के जिला अस्पताल में ये लापरवाही देखने को मिल रही है. वहीं डॉक्टर का कहना है अस्पताल में एक्स-रे फिल्मों की कमी की वजह से यह व्यवस्था की गई है.
हड्डी के एक्स-रे की बात करें तो बड़े फ्रैक्चर तो कागज पर दिखाई दे जाते हैं, लेकिन माइनर फ्रैक्चर कागज पर दिखाई नहीं देते. इसी तरह जिन मरीजों को छाती में संक्रमण होता है, उनके एक्स-रे में संक्रमण नहीं दिखाई देता. इसके अलावा ईएनटी के मरीजों की रिपोर्ट भी स्पष्ट नहीं दिखाई देती. जिस कारण मरीजों को मजबूरन निजी सेंटर पर एक्स-रे कराना पड़ रहा है.
इस मामले में सीएमएचओ डॉ. कुशवाह (हड्डी रोग विशेषज्ञ) का कहना है कि लोगों को ये समझना चाहिए की बार-बार एक्स-रे कराना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है. इससे निकलने वाली एक्स-रे किरणें कैंसर जैसी गम्भीर बीमारी की ओर ले जा सकती हैं.
उन्होंने कहा कि, जहां तक पेपर पर प्रिंटआउट का सवाल है इससे मरीज भी सन्तुष्ट है, कोई परेशानी नहीं है. बेवजह का खर्च भी नहीं आता. यदि किसी डॉक्टर को इन्हें समझने में परेशानी होती है तो उसे डिजिटल इमेज मोबाइल फोन पर भेज दी जाती है, जिससे उस डॉक्टर को समझने में आसानी होती है.
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FIRST PUBLISHED : May 24, 2023, 12:42 IST








