
अकाश कुमार/जमशेदपुर. जमशेदपुर में पहली बार 7वां राष्ट्रीय पुरुष और तीसरा महिला इंडियन ब्लाइंड फुटबॉल फेडरेशन (आईबीएफ) नेशनल ब्लाइंड फुटबॉल टूर्नामेंट का आगाज टिनप्लेट स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में हुआ. यह आयोजन ब्लाइंड फुटबॉल विश्व कप महिला चैम्पियनशिप के लिए चयन मैदान के रूप में भी कार्य करता है. इस अनूठे टूर्नामेंट में देश भर से दृष्टिबाधित खिलाडिय़ों की टीमें भाग ले रही हैं.
प्रत्येक टीम में केवल गोल कीपर और किनारे से दिशा देने वाले कोच ही देख सकते हैं. झारखंड ब्लाइंड फुटबॉल एसोसिएशन के एक वरिष्ठ सदस्य जगन्नाथ बेहरा ने खेल की मांग की प्रकृति को रेखांकित किया. जिसके परिणामस्वरूप अक्सर चोटें लगती हैं. चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने नेत्रहीन महिला फुटबॉल के क्षेत्र में भारत के खड़े होने पर गर्व व्यक्त किया. "भारत की टीम दुनिया में दूसरे नंबर पर है. यह हमारे लिए गर्व की बात है.
कुल 22 राज्यों से टीम आई है
महिला ब्लाइंड फुटबॉल विश्व कप जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, संभावित खिलाडिय़ों की तलाश के लिए देश भर के चयनकर्ता जमशेदपुर पहुंच गए हैं. यह टूर्नामेंट न केवल प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के प्रदर्शन के रूप में कार्य करता है. महिला खिलाडिय़ों के लिए वैश्विक मंच पर राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने का अवसर भी प्रदान करता है. जमशेदपुर में कुल 22 राज्यों से टीम आई है. जिसमें अरुणाचल प्रदेश केरला, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों की टीमें जमशेदपुर में खेल रही हैं. इन टीमों से खिलाड़ी सेलेक्ट होने के बाद इंडियन टीम में चयनित होंगे. यहां कुल 5 सिलेक्टर्स मौजूद हैं. जिसमें जे सुनील मैथ्यूज केरला से आए हैं. मिस्टर बर्मन नागालैंड, मिस्टर ऋतिक दिल्ली, अरशद हुसैन और राहुल जी जेएफसी जमशेदपुर से मौजूद है.








