
देश में रफ्तार क्रांति के जनक के रूप में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को याद किया जाता है. करीब ढाई दशक पहले प्रधानमंत्री रहते हुए वाजपेयी ने देश में सड़कों की स्थिति सुधारने की दिशा में कई योजनाओं की शुरुआत की थी. इसी के तहत उन्होंने देश को उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक जोड़ने के लिए ‘स्वर्णिम चतुर्भुज योजना’ की शुरुआती की थी. इसके साथ ही उनकी सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना भी लाई जिसके कारण आज देश के करीब-करीब हर गांव में पक्की सड़क पहुंच चुकी है. बाद की सरकारों ने भी वाजपेयी की इन योजनाओं को जारी रखा और देश में सड़क निर्माण को प्राथमिकता दी जाती रही.
लेकिन, आज की कहानी वाजपेयी पर नहीं है. हम आपको देश के पहले एक्सप्रेस-वे की कहानी बता रहे हैं. दरअसल, देश में सड़क क्रांति की शुरुआत से पहले पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र में इसकी शुरुआत हो चुकी थी. उसे शुरू करने का श्रेय मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के एक दिग्गज नेता को दिया जाता है. यह मौजूदा नेता उस वक्त महाराष्ट्र सरकार में मंत्री थे और उन्होंने देश के पहले एक्सप्रेस-वे की नींव रखी थी. यह एक्सप्रेस-वे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को उसके एक पड़ोसी महानगर से जोड़ता है. हम जिस मंत्री की बात कर रहे हैं उनका नाम नितिन गडकरी और उनके द्वारा बनवाए गए खास रोड का नाम मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे है. आधिकारिक तौर पर इस रोड का नाम यशवंत चव्हाण एक्सप्रेस-वे है. यह देश का पहला छह लेन वाला एक्सप्रेस वे है. इसके दोनों साइड में तीन-तीन लेन की कंक्रीट की सड़क है. इसकी कुल लंबाई 94.5 किमी है.
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बेहद खूबसूरत है सफर
मुंबई के बाद पुणे महाराष्ट्र का सबसे बड़ा शहर है. यह महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और शैक्षणिक राजधानी है. इन दोनों शहरों को जोड़ने के लिए बने इस एक्सप्रेस-वे को 2002 में जनता के लिए खोला गया. इस पर अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटे तक की है. हालांकि बाद में इसे घटाकर 100 किमी कर दिया गया. जिस इलाके यह एक्सप्रेस-वे गुजरता है वो बेहद खूबसूरत और हराभरा इलाका है. इस एक्सप्रेस-वे पर औसतन डेढ़ लाख गाड़ियां रोज गुजरती है. इस तरह यह देश का सबसे व्यस्त मार्ग भी बन गया है. इसकी वजह से हजारों की संख्या में लोग रोज पुणे-मुंबई के बीच अप-डाउन करते हैं. यह राज्य सरकार का एक्सप्रेस-वे और इसकी पूरी तरह देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है. इस एक्सप्रेस-वे को 16 अरब रुपये से अधिक की राशि खर्च कर बनवाया गया था.
एक सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे
यह देश का एक सबसे महंगा एक्सप्रेस-वे है. इस पर कार के लिए टोल का दर प्रति किमी तीन रुपये से अधिक है. नई दर के मुताबिक कार के लिए 320 रुपये, मिनी बस व टेम्पो के लिए 495 रुपये और ट्रक और बस के लिए अधिकतम 2165 रुपये तक टोल लगता है. इस हिसाब से देखें तो इस एक्सप्रेस-वे पर सफर करने के लिए कार को प्रति किमी करीब 3.36 रुपये देने पड़ते हैं.
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Tags: Delhi-Mumbai Expressway, Pune news, Union Minister Nitin Gadkari
FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 15:26 IST









