कश्मीर से पूरी दुनिया को भारत का G20 संदेश: लोगों ने दो पीढ़ियों को खो दिया, अब घाटी में बदलाव आया है

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श्रीनगर. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विदेशी प्रतिनिधियों से कहा कि जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक जम्मू-कश्मीर के लिए ‘बदलाव और नए जन्म का अवसर’ है. इस बैठक में 29 देशों के कुल 61 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से जम्मू-कश्मीर में होने वाला यह ऐसा पहला अंतर्राष्ट्रीय आयोजन है, जहां इतनी बड़ी संख्या विदेशी प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि कश्मीर में बदलाव आया है और अब यहां हड़ताल का आह्वान सुनने वाला कोई नहीं है. यहां पूरे कश्मीर के बाजार पूरे दिन खुले रहे और बुलेवार्ड रोड पर ट्रैफिक में बदलाव को छोड़कर लोगों की आवाजाही या परिवहन पर कोई प्रतिबंध नहीं था.

सिंह ने कहा, ‘अगर इस तरह का आयोजन पहले किया जाता था, तो इस्लामाबाद से हड़ताल का आह्वान होते ही श्रीनगर के रेजीडेंसी रोड (शहर के केंद्र में) की दुकानें बंद हो जाती थीं. अब यहां कोई हड़ताल नहीं होती है, भले ही इधर से हड़ताल का आह्वान किया जाए या उधर (पाकिस्तान) से.’

जी-20 देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘यह बदलाव हुआ है. श्रीनगर के आम लोग अब आगे बढ़ना चाहते हैं. उन्होंने दो पीढ़ियों को (आतंकवाद के कारण) खो दिया है.’ सिंह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं.

केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जताई कि जब प्रतिनिधि घाटी से लौटेंगे, तो वे यहां के सकारात्मक माहौल को सबसे साझा करेंगे. उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि जब हमारे दोस्त वापस जाएंगे, तो वे हमारे राजदूत होंगे… क्योंकि वे लोग दुनिया को यहां की स्थिति और यह कैसा दिखता है, इस बारे में बताएंगे.’

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि जी-20 बैठक भारत के लिए जम्मू-कश्मीर के बदले हुए परिदृश्य को दिखाने का अवसर है, जो पहले पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के साए में था. उन्होंने कहा कि जी20 की बैठक प्रतिनिधियों को जम्मू-कश्मीर में हुए बदलाव को स्वयं देखने का अवसर भी देगी और वे ‘स्वयंभू टीकाकारों’ द्वारा अंतरराष्ट्रीय मीडिया में पेश की गई तस्वीर से इसकी तुलना कर सकेंगे. मंत्री ने कहा, ‘जी20 प्रतिनिधि न केवल कश्मीर, बल्कि भारत के सच्चे संदेशवाहक होंगे, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना है.’

सिंह ने ‘पीटीआई’ से एक वीडियो साक्षात्कार में कहा, ‘यह इस बात का संकेत है कि अब जम्मू-कश्मीर और कश्मीर घाटी देश के अन्य शहरों की तरह गतिविधि की समान धारा में हैं, जबकि कुछ साल पहले इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का केंद्र माना जाता था. हैदराबाद, गुड़गांव या कहीं और आयोजित हुई जी20 बैठक की तरह श्रीनगर में भी बैठक हो रही है.’

Tags: Dr Jitendra Singh, G20 Summit, Jammu kashmir, Kashmir

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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