
अमित सिंह/प्रयागराज : भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक नाम गंगा दशहरा का है. यह त्यौहार धरती पर गंगा के अवतरण होने पर मनाया जाता है. खास बात यह है कि इस धर्म उत्सव की प्रकिया 10 दिन से अधिक चलती है. इसी क्रम में प्रयागराज संगम तट पर महिलाओं के समूहों ने मूर्ति की स्थापना कर पूजन अर्चन शुरू किया. पवित्र स्थल दशाश्वमेध घाट पर दस दिन तक चलने वाले गंगा दशहरा पर्व पर भक्तों की भीड़ उमड़ी रही.
आचार्य लक्ष्मीकांत शास्त्री ने बताया कि गंगा दशहरा शुक्ल पक्ष दशमी 29 मई से शुरू होकर उदयातिथि 30 मई दोपहर एक बजकर सात मिनट तक रहेगा. यानी गंगा दशहरा पर्व 30 मई को ही मनाया जाएगा.गंगा आरती में अनामिका चौधरी ने मां गंगा को चुनरी अर्पित कर सभी के कल्याण की प्रार्थना किया. इसके बाद गंगा पुरोहित प्रमोद दुबे ने हवन कराया और मां गंगा की आरती उतारी. सभी को प्रसाद का वितरण किया गया.
कष्ट होते हैं दूर
अनामिका चौधरी ने बताया कि सनातन धर्म में गंगा नदी को माता का दर्जा प्राप्त है, गंगा का जल बहुत ही पवित्र, पूज्यनीय माना जाता है. बिना गंगा जल कोई भी शुभ कार्य और अनुष्ठान संपन्न नहीं होता है. ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष दशमी के दिन ही गंगाजी का स्वर्ग से धरती पर अवतरण हुआ था. मां गंगा के पूजन से भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं. गंगा दशहरा से तात्पर्य यह है कि इन दिनों में गंगा में स्नान करने वालों का दस प्रकार के रोग, कष्ट दूर होते हैं और सुख समृद्धि को प्राप्त कर लेते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 22, 2023, 17:09 IST








