Bijapur: नक्सल प्रभावित गांव में 20KM पैदल चलकर पहुंचे डॉक्टर, पेड़ के नीचे लगा मेडिकल कैंप

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रामकुमार नायक/बीजापुर. डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है इसी बात को साकार करने छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी पर खरा उतरने की कोशिश की है. छत्तीसगढ़ के बीजापुर से एक ऐसा मामला सामने आया जो आपको हैरान कर सकता है. बीजापुर जिले के इंद्रावती नदी पार बसे गांवों के करीब 300 ग्रामीणों का खुले आसमान के नीचे इलाज किया गया. नक्सल प्रभावित गांव में 2 दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पेड़ के नीचे डेरा जमाए रखा. यहां इलाज करवाने पहुंचे करीब 40 ग्रामीण ऐसे थे, जिन्हें पेड़ की टहनी के सहारे ग्लूकोज चढ़ाई गई, क्योंकि गांव में न तो अस्पताल है और न ही स्वास्थ्य सुविधा है.

गांव तक पहुंचना भी आसान नहीं था. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहले भैरमगढ़ से होते हुए इंद्रावती नदी को लकड़ी की छोटी नाव से पार किया. फिर करीब 20 किलोमीटर पैदल सफर तय कर ताकिलोड गांव पहुंची. यहां एक पेड़ के नीचे शिविर लगाया गया. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां त्रिपाल बिछाई और फिर उसी के ऊपर सारा किट रखकर अस्पताल खोल दिया. इस शिविर में ताकिलोड, अबूझमाड़, पल्लेवाया, गोंडमेटा, वेड़मा समेत कुछ और गांव के करीब 300 ग्रामीण पहुंचे. जिनका इलाज किया गया है. इनमें कई ग्रामीण एनीमिया पीड़ित थे. कईयों को सर्दी-खांसी, बुखार, बीपी, शुगर की समस्या थी. साथ ही कुछ ग्रामीण अन्य गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी ग्रामीणों का उपचार किया.

 टहनी पर रस्सी बांधकर ग्लूकोज चढ़ाई 
करीब 40 ग्रामीणों को दो पेड़ों के बीच टहनी पर रस्सी बांधकर ग्लूकोज चढ़ाई गई. न तो बेड था, न ही गद्दा और बिजली, बल्कि खुले आसमान के नीचे जमीन में त्रिपाल बिछाकर ग्रामीणों को उसी पर लिटाया और ग्लूकोज चढ़ाई गईं. वहीं कुछ ऐसे 30 ग्रामीण भी थे, जो किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. इन ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भैरमगढ़ अस्पताल और बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया.

न तो नेटवर्क है और न ही सड़क
नक्सल प्रभावित इस गांव में न तो नेटवर्क है और न ही सड़क, जंगल के बीच बसे इन गांवों में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना कठिन है. ऐसा नहीं है कि इलाके में कभी स्वास्थ्य कर्मी नहीं पहुंचते, समय-समय पर ANM और RHO जाते रहते हैं. लेकिन इलाका काफी बड़ा है. इसलिए हर किसी तक इलाज पहुंचाना संभव नहीं होता.

Tags: Naxal

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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