
दुर्गेश सिंह राजपूत/नर्मदापुरम. मध्य प्रदेश के होशंगाबाद (Hoshangabad) जिला स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (Satpuda Tiger Reserve) के बोरी रेंज में पिछले दो साल से रह रहे 16 बारहसिंघाओं को नया आशियाना मिला है. इस झुंड को मटकुली के पास छोड़ा गया है. छूटते ही बारहसिंघा झुंड ने सरपट दौड़ लगा दी और बाड़े में उछल-कूद करते नजर आये. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के इंस्टाग्राम पेज पर मटकुली में छोड़े गए बारहसिंघों के झुंड का वीडियो पोस्ट किया गया है.
प्रबंधन के मुताबिक इन बारहसिंघा को बोमा तकनीक से बोरी अभयारण्य रेंज में पकड़ा गया था. सतपुड़ा की टीम के द्वारा पशु चिकित्सक की निगरानी में उन्हें ट्रक में भर कर मटकुली ले जाया गया. अब इस झुंड को बाड़े में छोड़ दिया गया है. बाड़े में कुछ महीने रखने के बाद उन्हें फिर से खुले जंगल में छोड़ दिया जाएगा. बोरी रेंज के यह बारहसिंघा अब अपने नए स्थान पर रहेंगे. उन्हें पानी और हरियाली के बीच यहां रखा गया है.
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एल. कृष्णमूर्ति ने बताया कि मटकुली के पास बाड़े में 16 बारहसिंघों को छोड़ा गया है. यहां उनकी देख-रेख अच्छे से की जाएगी. यह सभी बारहसिंघा लगभग डेढ़-दो साल से बोरी रेंज में रह रहे थे.
बता दें कि, पेंच नेशनल पार्क और कान्हा पार्क से लगभग 3,000 चीतल और बारहसिंघा को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मैं लाने का कार्य पिछले तीन साल से किया जा रहा है. अभी तक लगभग 1800 चीतल और करीब 100 बारहसिंघा को यहां लाया जा चुका है. बोरी ओर चूरना में उन्हें छोड़ा जाता रहा है. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बड़ी घास होने की वजह से चीतल और बारहसिंघों को यहां लाया जा रहा है. उन्हें आवास के लिए अनुकूल माहौल व विचरण करने के लिए बड़ा क्षेत्र महत्वपूर्ण वजह है. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व इस मुहिम पर लगातार काम कर रहा है.
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FIRST PUBLISHED : May 21, 2023, 07:33 IST








