
शशिकांत ओझा/पलामू. झाराखंड के पलामू जिला में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है. पलामू में पारा 43 के पार जा चुका है. शुक्रवार को पलामू सबसे गर्म जिला रहा. वहीं मौसम विभाग ने भी गर्मी को लेकर चेतावनी जारी कर दिया गया है. आने वाले 2 से 4 दिनों में गर्मी और बढ़ेगी. गर्म हवा भी तेज होगी. पीटीआर क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. बढ़ते गर्मी को लेकर जंगली जानवरों के लिए भी समस्या बढ़ गई है. हालंाकि वाइल्ड लाइफ के इलाके को एनवॉरमेंट चेंज नहीं किया जा सकता है. जंगली जानवरों को इस भीषण गर्मी में प्राकृतिक व्यवहार पर निर्भर रहकर रहना होगा.
मौसम विभाग द्वारा पलामू में इलाके में पड़ रही चिलचिलाती धूप और तपती धरती के बीच चेतावनी जारी किया गया है. पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश जैना ने बताया की वन्य जीव और उनके लिए इंतजामात जल स्रोतों पर विशेष रूप से नजर रखा जा रहा है. पीटीआर क्षेत्र सुखाड़ प्रभावित क्षेत्र में आता है. पिछले वर्ष वर्षा नहीं होने से पानी की और समस्या बढ़ गई है. पीटीआर क्षेत्र में प्राकृतिक चैकडेम पूरी तरह सूख गए है. 1129 वर्ग कलोमीटर क्षेत्र में पीटीआर का क्षेत्र फैला हुआ है. जिसमे जंगली जानवरों के लिए इस इलाके में 350 से अधिक ज्यादा छोटे बड़े जलस्रोत हैं.
जानवरों के लिए खास इंतजाम
पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर ने बताया की पीटीआर क्षेत्र में तीन तरीके से भीषण गर्मियों में जंगली जानवरों के लिए खास इंतजाम किए गए. पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ज्यादातर जलस्रोत प्राकृतिक हैं. ये जल स्रोत सुखाड़ प्रभावित होने और गर्मी के मौसम आने से सूख जाते हैं. वही जंगली जानवरों को पानी की समस्या से निजाद दिलाने हेतु पीटीआर द्वारा तीन तरह कार्य किए जा रहे है. पहला है की जितने भी प्राकृतिक जलस्रोत है. प्राकृतिक चेक डैम है वहां चुआंडी बनाकर पानी निकाले जा रहे हंै. ताकि जंगली जानवरों को पानी की समस्या नहीं हो सके.
पीटीआर द्वारा छोटे बड़े पानी के टैंक बनाए गए
दूसरी तरह पीटीआर द्वारा छोटे बड़े पानी के टैंक बनाए गए है. जंगली जानवरों के लिए जंगल में वाटर टब बनाए गए हैं, जहां नियमित रूप से जंगली जानवरों को पानी की समुचित व्यवस्था कराने हेतु वाटर टैंकर से पानी भरा जाता है. इस इलाके में पानी की समुचित व्यवस्था हेतु तीन दर्जन के करीब टैंकरों का उपयोग होता है. वन्य जीवों को पानी उपलब्ध करवाने के लिए टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है. वही तीसरा प्रयोग पीटीआर द्वारा जंगली जानवरों को किया जा रहा है. जहां सोलर पंप पीटीआर क्षेत्र में लगाया जा रहा है. सोलर पंप से जंगली जानवरों को पानी उपलब्ध कराने को लेकर पीटीआर क्षेत्र में लगाया गया है. सुखाड़ प्रभावित होने से पीटीआर क्षेत्र में पानी की कमी को पूरा करने के लिए खास प्रयोग किया गया है.
शिकारियों पर भी है पैनी नजर
वाटर टब में भीषण गर्मी से पानी गर्म न हो इसे लेकर कई इलाकों में कुछ घंटों में टैंकर से पानी बदल दिया जाता है. वहीं कुछ पी टी आर क्षेत्र में पेड़ की छाया देख वाटर टब बनाया गया है. बता दें की गर्मी के दिनों में जल स्रोतों के आसपास शिकार हेतु शिकारी भी नजर बनाए होते हैं. ताकि प्यासे वन्यजीवों को निशाना वो बना सके. इस दौरान पीटीआर प्रबंधन द्वारा पेट्रोलिंग करने पर विशेष रूप से चौकसी बरती जा रही है. वहीं ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 18:26 IST








