
नीरज कुमार/बेगूसराय : बिहार के अधिकांश हिस्से में पपीता की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है. कई तरह की बीमारियों के खिलाफ इसका सेवन करना रामबाण माना जाता है. यही वजह है कि चिकित्सक भी पपीता का सेवन करने की सलाह देते हैं. बेगूसराय में पपीता की खेती के लिए उद्यान विभाग किसानों को बीज उपलब्ध करा रहा है.
किसान पपीता की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. अमूमन किसान पपीता की खेती मई और जून माह के आस-पास शुरू कर देते हैं. इस समय लगाए गए पपीता की फसल में विषाणु जनित एवं फफूंद जनित रोग कम लगते हैं. पपीता एक बार लगा देने पर कम से कम दो बार फल जरूर मिलता है. पपीता की बागवानी ज्यादा कमाई देने वाले फलों की श्रेणी में आता है.
6.50 रूपए में मिलता है पपीता का एक पौधा
बेगूसराय उद्यान विभाग के अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि बागवानी मिशन के जरिए किसानों को इसका बीज उपलब्ध कराया जाता है. एक बीज वाले पौधे की कीमत 6.50 रूपए लागत आता है. वहीं एकड़ बागवानी करने पर किसानों को 45 हजार तक का अनुदान दिया जाता है. पपीता की एक एकड़ की खेती में 70 हजार रुपए खर्च आता है.
पपीता का एक स्वस्थ पेड़ आपको एक सीजन में करीब 40 किलो तक फल देता है. आप एक एकड़ में करीब 1150 पौधे तैयार कर सकते हैं. इस हिसाब से आप एक सीजन में एक हेक्टेयर पपीते की फसल से 400 क्विंटल पपीता का पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. बाजार में इसकी कीमत 30 से 40 रुपए तक पहुंचती है. इस हिसाब से किसान एक बीघे में पपीते की खेती कर आराम से 6 लाख रुपए तक कमा सकते हैं.
ऐसे ले सकते हैं योजना का लाभ
बेगूसराय जिला के किसान पपीता कि अगर बागवानी करना चाहते हैं तो वो अपने प्रखंड के कृषि कार्यालय या फिर जिला उद्यान विभाग में विभागीय अधिकारी संजय मिश्रा, यशवत कुमार या फिर जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन से संपर्क कर पपीता की बागवानी के लिए बीज प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी हासिल कर सकते हैं.
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 17:10 IST








