
ललितेश कुशवाहा/भरतपुर. भारत में कई ऐसे फल हैं जो मौसम के अनुसार दिखाई देते है. एक ऐसा ही फल है लसोड़ा (Lasoda). जो गर्मी के मौसम में पकने के साथ बाजार में बिक्री के लिए इन दिनों नजर आ रहे हैं. यह औषधीय गुणों से भरपूर होने के साथ एक जंगली फल है. इसे गोंदी, इंडियन चैरी, और निसोरा आदि नाम से जानते है. यह आकार में सुपारी के बराबर का होता है और इसका सेवन सब्जी, अचार, और चूरन के रुप में किया जाता है.अगर बात राजस्थान के भरतपुर जिले की करे तो यहां की छोटी से लेकर बड़ी मंडी में यह लसोड़ा फल काफी मात्रा में दिखाई दे रहा है और लोग इसकी जमकर खरीददारी भी कर रहे हैं.
लसोड़ा फल का भाव 40 -60 प्रति किलो
सब्जी विक्रेता फूल सिंह ने बताया कि यह फल गर्मी के मौसम में अधिकांश रुप से दिखाई देता है. यही कारण है कि अब इस फल की बहार है जो छोटी मंडी से लेकर बड़ी मंडी में दिखाई दे रहा है. यह फल जंगली होता है और ग्रामीण अंचल की महिलाएं जंगल से तोड़कर मंडियों में थोक व्यापारीयों को बेच जाती है. इस फल की कीमत 40-60 रुपये प्रति किलो है. इस फल का अधिकतर उपयोग अचार बनाने में किया जाता है और इसके अलावा सब्जी व चूरन बनाकर भी स्वाद चखा जाता है.
यह फल कई रोगों में है लाभकारी..
यह फल आयुर्वेद के अनुसार कई रोगों में लाभकारी बताया गया है. इसमें प्रोटीन, क्रूड फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, आयरन, फॉस्फोरस व कैल्शियम जैसे आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसका नियमित रुप से सेवन करने पर खांसी, दमा, स्किन एलर्जी, दांत और पीरियड का दर्द, गले की खराश में राहत प्रदान करने के साथ शरीर की सूजन को कम करता है. इस फल का सेवन अधिकतर लोग शरीर की ताकत बढ़ाने के लिए भी करते हैं .
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FIRST PUBLISHED : May 20, 2023, 12:18 IST








