
अरब प्रायद्वीप: अरब प्रायद्वीप पर चट्टानों में उकेरे गए सितारे और रेखाएँ आस-पास के शिकार जाल का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं. लगभग 8,000 साल पहले पत्थरों पर उकेरी गई नक्काशियां दुनिया की सबसे पुरानी मेगास्ट्रक्चर ‘ब्लूप्रिंट’ हो सकती है. एक अन्य अध्ययन ने खुलासा किया है कि 8000 साल पहले मनुष्यों ने ‘रेगिस्तानी पतंगों’ का योजनाबद्ध तरीके से निर्माण किया था.
समाचार विज्ञप्ति के अनुसार, उत्कीर्णन, 7,000 और 8,000 साल पुराने के बीच, पास के रेगिस्तानी पतंगों को दर्शाते हैं, जानवरों को फंसाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विशाल संरचनाएं हैं. बड़ी आकृति को बहुत ही छोटे जगह पर उकेरने की क्षमता बुद्धिमान व्यवहार उस समय के हिसाब से एक मील का पत्थर साबित होता है. इन उकेरी गई छवियों से मालूम होता है कि पतंगों की कल्पना और निर्माण कैसे किया गया था.
रिपोर्ट के अनुसार, रेगिस्तानी पतंगों को पहली बार 1920 के दशक में हवाई जहाजों द्वारा देखा गया था. वे 5 किमी लंबी दीवारों से बनी परिष्कृत पुरातात्विक संरचनाएं हैं जो गड्ढों से घिरे जानवरों को फंसाने के लिए एक बाड़े के रूप में मिलती हैं. इस तरह की संरचनाएं पूरी तरह से केवल ऊंचाई से ही दिखाई देती हैं, फिर भी यह इस समय अंतरिक्ष के प्रतिनिधित्व के लिए एक तरह से नहीं देखा जाता है.
ध्ययन के लेखकों ने कहा, ‘अब तक की ज्ञात, मानव इतिहास बड़े पैमाने की योजनाओं में सबसे पुरानी है. 8,000 और 9,000 साल पुराने ये बनावट, जॉर्डन और सऊदी अरब में खोजे गए थे. इनका इस्तेमाल जानवरों को फंसाने इ किया जाता था.
ये भी पढ़ें- PHOTOS: पाताल में चला जाएगा दुनिया का सबसे ताकतवर शहर! गगनचुंबी इमारतें ही बनेंगी तबाही की वजह
रिपोर्ट में खुलासा किया गया कि ये बनावट, मिस्र की सभ्यता से भी काफी पुरानी है. बताया गया कि मिस्र की सभ्यता काफी बुद्धिमान मानी जाती है क्योंकि इसमें सहस्राब्दी पहले मानवों ने योजनाबद्ध तरीके से प्लानिंग और मानचित्र बनाए थे, लेकिन ये स्थलाकृति, जो कि बड़े आकार के वस्तु को काफी छोटे से जगह पर उकेरने की कला, और भी बुद्धिमता को दर्शाती है.
.
Tags: New Study, Saudi arabia
FIRST PUBLISHED : May 18, 2023, 21:50 IST








