फोन में फेस लॉक लगा रखा है तो तुरंत बदल लें सेटिंग, ऐसा मिस यूज होगा आपने सोचा भी न होगा

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हाइलाइट्स

फेस रिकग्निशन फीचर का गलत इस्तेमाल हो सकता है.
फेस लॉक फीचर को लेकर कुछ सावधानियां बरतनी ज़रूरी हैं.
सैमसंग का कहना है कि फेस लॉक बाकी लॉक सिस्टम्स की तुलना में कम सुरक्षित है.

नई दिल्ली. एक समय था जब मोबाइल फोन केवल कॉल पर बातचीत करने और SMS के लिए इस्तेमाल किए जाते थे. लेकिन अब लोगों की आधी या किसी-किसी केस में तो पूरी दुनिया ही फोन में सिमट गई है. ऐसे में आपका फोन सुरक्षित रहे, गलत हाथों में न जाए ये बेहद महत्वपूर्ण है.

फोन की सुरक्षा के लिए अलग-अलग फोन निर्माता अलग-अलग सेफ्टी फीचर देते हैं. जैसे iPhones फेस लॉक और पिन लॉक फीचर के साथ आते हैं. वहीं एंड्रॉयड फोन्स पैटर्न, पासवर्ड, फिंगर प्रिंट और फेस लॉक फीचर अपने यूजर्स को देते हैं. हम इससे पहले बता चुके हैं कि पैटर्न और पासवर्ड में से पासवर्ड सेफ्टी का बेहतर ऑप्शन है. लेकिन सुरक्षित माना जाने वाला फेस लॉक भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है.

ये भी पढ़ें- Phone Safety Tips: पैटर्न और पासवर्ड में से कौन ज्यादा सेफ? डिटेल में जानिए

फेस लॉक फीचर क्या है?
फेस लॉक फीचर में आपका मोबाइल फोन आपके चेहरे को स्कैन करके, उसकी 3डी इमेज क्रिएट करता है. वो 3डी इमेज आपके फोन के लॉक का पासवर्ड होता है. फेसलॉक फीचर आपके चेहरे में आने वाले बदलावों को भी आसानी से एडैप्ट कर लेता है. ये फीचर ऐसे मौकों पर कारगर होता है जब कोई

iPhone के फेस लॉक की लिमिटेशंस क्या हैं?
ऐपल के मुताबिक, आपके iPhone का फेसलॉक आपके चेहरे से ही ओपन किया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति आपकी डिजिटल या प्रिंटेड फोटो दिखाकर लॉक को खोलने की कोशिश करेगा तो भी नहीं खोल पाएगा. क्योंकि लॉक खोलने के लिए जिस डेप्थ की ज़रूरत होती है, वो डेप्थ फोटो में नहीं मिल पाती. हालांकि, अगर आपका कोई जुड़वां भाई या बहन हो, तो वो भी आपके फोन को अपने फेस से खोल सकते हैं. iPhone या iPad में आप फेसलॉक का इस्तेमाल करके iTunes में पर्चेस भी कर सकते हैं.

पर ऐपल के फेस लॉक की एक लिमिटेशन ये है कि अगर आप सोए हुए हैं तो भी कोई आपका चेहरा दिखाकर आपका फोन अनलॉक कर सकता है. कल्पना कीजिए, अगर किसी के पार्टनर को उसकी जासूसी करनी होगी तो उसके लिए कितना आसान होगा फोन को अन लॉक करना. इसी तरह अगर किडनैपिंग के मामलों में विक्टिम को बेहोश करके भी उसके फोन को अनलॉक करके इस्तेमाल किया जा सकता है. ये बस उदाहरण हैं. ऐसे में ये ज़रूरी है कि आप फेस लॉक की सेटिंग में ज़रूरी बदलाव कर लें.

Face ID

फेशियल रिकग्निशन में फोन का कैमरा चेहरे की एक 3डी इमेज क्लिक करता है और उसे ही फोन अनलॉक करने के लिए रिफरेंस की तरह यूज़ करता है.

इसके लिए आपको सेटिंग्स > एक्सेसिबिलिटी > फेस ID ऐंड अटेंशन में जाना होगा. यहां पर आपको अटेंशन को एनेबल करना होगा. इससे आपका फोन तभी अनलॉक हो पाएगा जब आप स्क्रीन पर देखेंगे.

बता दें कि ऐपल भले ही अपने फेस लॉक को स्टेट ऑफ द आर्ट बताता हो. पर फोन की सिक्योरिटी के लिए ऐपल भी टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन पर जोर देता है और वो पासवर्ड को ज्यादा सुरक्षित ऑप्शन मानता है. इस वजह से iPhone में फेस लॉक के साथ-साथ पासकोड लगाना भी ज़रूरी है. ताकि डिवाइस को एडिशनल सिक्योरिटी मिल सके.

जब आपका फोन रीस्टार्ट होता है या फिर अगर आपका फोन 48 घंटे से ज्यादा समय के लिए बंद हो तब फेस आईडी से फोन नहीं खुलता. आपको पासकोड डालना होता है. वहीं, अगर साढ़े दिन से ज्यादा समय से आपने पासकोड का इस्तेमाल नहीं किया है या फैस मैच करने पांच फेल्ड अटेम्प्ट के बाद फोन को खोलने के लिए पासकोड की ही ज़रूरत पड़ती है. इसी तरह अगर आप अपने फोन को स्विच ऑफ करने जाएंगे, तो भी आपको पासकोड डालना होगा.

ये तो हुई iPhone की बात, एंड्रॉइड फोन मेकर सैमसंग ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि एक हाई रेजॉल्यूशन फोटो से फोन के फेस लॉक को खोला जा सकता है. इसके साथ ही सैमसंग ने लिखा है कि फेस रिकग्निशन पासवर्ड, पैटर्न या फिंगरप्रिंट की तुलना में कम सुरक्षित है और वो फेस रिकग्निशन को रिकमेंड नहीं करते हैं.

Tags: Face Recognition, Iphone, Safety Tips, Samsung, Tech News in hindi

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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