
हिना आज़मी/देहरादून. इन दिनों देवभूमि उत्तराखंड का पारा लगातार बढ़ता जा रहा है. वहीं प्रदेश में शुष्क हवाएं जंगल की आग को हवा दे रही हैं. बीते 24 घंटे में सात स्थानों पर जंगल में आग लगने के मामले सामने आए हैं. वहीं दूसरी ओर गर्मियों में शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से भी घरों में आग लगने का खतरा बना रहता है. ऐसे में वन विभाग और अग्निशमन विभाग की क्या तैयारियां है और संसाधन कितने हैं, देखिये यह रिपोर्ट.
वन विभाग के आईएफएस अफसर निशांत वर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि वन विभाग उत्तराखंड के जंगलों पर निगरानी रख रहा है. सैटेलाइट के जरिए आगजनी की घटनाओं पर विशेष रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है. अगर किसी भी इलाके की जंगल में आग लगने की घटना सामने आती है, तो ड्रोन के जरिए क्षेत्र का जायजा लेकर आग पर काबू पाया जाता है. उन्होंने बताया कि विभाग पूरी तरह से तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है और विभाग के पास मौजूदा वक्त में करीब 20 ड्रोन हैं, जिनसे उत्तराखंड के लगभग हर वन क्षेत्र की मॉनिटरिंग की जा रही है.
शरारती तत्वों पर विभाग की पैनी नजर
आईएफएस अफसर निशांत वर्मा ने बताया कि गर्मियों के दिनों में जंगलों में आग की घटनाओं के मामले बढ़ जाते हैं. विभाग पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने बताया कि जंगलों में आग लगने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन वन विभाग उन शरारती तत्वों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिनकी वजह से जंगलों में भीषण आग लग जाती है हालांकि अब तक कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया है, जिसमें किसी शरारती तत्वों द्वारा आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया हो लेकिन अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता पकड़ा जाता है, तो उस पर ठोस कार्रवाई की जाएगी.
लोगों से सहयोग की अपील
मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल अभी तक उत्तराखंड के तकरीबन 405.31 हेक्टेयर जंगल वनाआग्नि के मामलों से प्रभावित हुए हैं. वन विभाग की मानें तो 331 के आसपास मामले वनाअग्नि के सामने आ चुके हैं.देहरादून के सीएफओ आर. एस. खाती ने बताया कि गर्मियों के दिनों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं. ऐसा ना हो इसलिए कोशिश करें कि अपने घर का सूखा कूड़ा या घास-फूस को जंगलों में न डालकर कूड़ेदान का ही उपयोग करें और हर उन कारणों से दूर रह जाए, जिससे जंगलों में आग लगती है.
गैस सिलेंडर का करें सुरक्षित प्रयोग
सीएफओ आर. एस. खाती बताते हैं कि गर्मियों के दिनों में गैस सिलेंडर और शार्ट सर्किट की वजह से भी आग लग जाती है, इसीलिए आप गैस सिलेंडर को गर्म या धूप वाले स्थान पर न रखें और बिजली के सर्किट पर भी निगरानी रखें. उन्होंने बताया कि हमने फायर सीजन को देखते हुए सभी कर्मचारियों की छुट्टी पर रोक लगा दी है. उन्होंने बताया कि जनपद देहरादून में वर्तमान में 5 फायर स्टेशन मौजूद हैं और छठवां स्टेशन डोईवाला में तैयार हो चुका है.मुख्यालय के स्तर पर कुछ फायर टेंडर खरीदे गए हैं. उन्होंने बताया कि पर्याप्त मात्रा में विभाग के पास फायर ब्रिगेड भी मौजूद है.
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FIRST PUBLISHED : May 18, 2023, 13:36 IST








