
अमित सिंह, प्रयागराज. हम भले ही 5जी से आगे निकलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर आगे बढ़ रहे हैं लेकिन एक सवाल इसके सदुपयोग और दुरुपयोग का अभी तक जस का तस बना है. ऑनलाइन फ्रॉडगिरी का शिकार होने का एक बड़ा तबका आज भी सवाल लिए खड़ा है. ऐसे में हमें अंतिम छोर तक ऑनलाइन उपयोग के बेसिक को भी पहुंचाना होगा. कारण कि प्रयागराज में हुए ऑनलाइन एक ठगी ने फिर से सही-गलत के प्रश्न को जन्म दिया है.
कुछ ऐसी ही ठगी सोहबतियाबाग निवासी छात्रा के साथ ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान हुई. जहां श्वेता नामक छात्रा ने ऑनलाइन एक वेबसाइट से 54 हजार का एक लैपटॉप मंगाया लेकिन जब डिलीवरी खोली तो उन्हें लैपटॉप के बदले इंडक्शन चूल्हा मिला. ऐसे में श्वेता के होश उड़ना वाजिब रहा.
यह रही पूरी कहानी
श्वेता ने बताया कि वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीजेएमसी की पढ़ाई कर रही हैं. 9 मई को उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन से एक लैपटॉप ऑर्डर किया. इसके लिए उन्होंने 54409 रुपये का एडवांस भुगतान भी कर दिया. कूरियर कंपनी का कर्मचारी डिलीवरी देने के लिए घर पहुंचा, इस दौरान पर वह घर पर नहीं थी. ऐसे में डिलीवरी उनकी मां ने रिसीव किया. कुछ देर बाद जब पहुंची तो लैपटॉप के बदले इंडक्शन मिला. मैंने तुरंत कंपनी के कस्टमर केयर पर ऑनलाइन शिकायत की लेकिन उस पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला. कॉल और मेल पर शिकायत करने के बाद यही कहा गया कि हम पांच दिन के बाद ही कुछ कह सकते हैं. इसके बाद हमने नेशनल साइबर हेल्पलाइन पर भी शिकायत की है.
ये है एक्सपर्ट की राय
साइबर मामलों के एक्सपर्ट वासियों साइबर थाना अतुल यादव कहते हैं कि गलत सामान की डिलीवरी पर सीधे कंपनी में शिकायत दर्ज कराएं. अधिकांश कंपनियां शिकायत का निस्तारण करती हैं इसके बावजूद अगर कोई कंपनी ऐसा नहीं करती हैं तो यह मामला ठगी के अंतर्गत आता है. ऐसे में स्थानीय पुलिस या उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.









