शिमला. हिमाचल प्रदेश में हाल ही में एक विशेष नंबर के लिए शिमला के कोटखाई में ईऑक्शन में जमकर विवाद हुआ. इस दौरान 3 लोगों ने एक करोड़ से अधिक की बोली वीआईपी नंबर के लिए लगाई थी. हालांकि, बाद में ये तीनों बोलीदात्ता मुखर गए थे. इस बोली पर प्रदेश भर में चर्चा हुई. सिस्टम के साथ कैसे कोई खिलवाड़ करता है, इस ऑक्शन में सामने आया था. अब इस विवाद से सबक लेते हुए सरकार ने ई-ऑक्शन के नियम बदले हैं.
हिमाचल प्रदेश के परिवहन विभाग के निदेशक अनुपम कश्यप ने बताया कि वाहनों के लिए अपनी पसन्द के विशेष फेन्सी नम्बर (पंजीकरण चिन्ह) जारी करने के लिए संशोधित ई-ऑक्शन प्रणाली 16 मई, 2023 से पुनः आरंभ हो गई है. उन्होंने बताया कि उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विभाग को ई-ऑक्शन प्रणाली में संशोधन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे, ताकि भविष्य में कोई भी शरारती तत्व संशोधित प्रणाली के साथ छेड़छाड़ न कर सके. उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में संशोधित प्रणाली को बैजनाथ और शिमला पंजीकरण प्राधिकरण में आरंभ किया जाएगा. इसके सफल परीक्षण के उपरांत आगामी दिनों में संशोधित प्रणाली को प्रदेश के अन्य सभी प्राधिकरणों में शुरू कर दिया जाएगा.
ये हैं नए नियम
संशोधित ई-ऑक्शन प्रणाली के अनुसार आवेदनकर्ता सोमवार से लेकर शनिवार तक विभागीय पोर्टल पर अपनी पसन्द के विशेष नम्बरों के लिए बोली में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं. इसके लिए दो हजार रुपये का पंजीकरण शुल्क जमा करवाना होगा. रविवार के दिन इन नम्बरों की बोली का परिणाम पांच बजे के बाद ऑनलाइन स्वतः ही घोषित हो जाएगा.उन्होंने बताया कि बोली के लिए पंजीकरण करवाने वाले आवेदनकर्ता को विशेष वाहन नम्बरों के लिए निर्धारित आधार मूल्य का 30 प्रतिशत अग्रिम राशि जमा करवाना अनिवार्य होगा. बोली में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला आवेदनकर्ता यदि किसी कारण विशेष नम्बर लेने में असमर्थ रहता है तो उसके द्वारा जमा करवाई गई 30 प्रतिशत अग्रिम राशि वापिस नहीं होगी. यह राशि सरकारी कोष में जमा होगी तथा उस विशेष नम्बर के लिए विभाग द्वारा दोबारा बोली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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पहले कुछ कमियां थी- निदेशक
उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के विशेष नम्बर जारी करने के लिए अपनाई गई ई-ऑक्शन प्रणाली में कुछ त्रुटियां सामने आयी थीं जिसमें कुछ मामलों में सफल बोलीदाता द्वारा लगाई गई बोली की राशि जमा नहीं करवाई जाती थी और ये विशेष नम्बर निचले बोलीदाता द्वारा कम राशि में प्राप्त किए जाते थे. ऐसे कारणों से विभाग द्वारा ई-ऑक्शन प्रणाली को निलंबित कर दिया गया था.
क्यों हो गया था बंद
दरअसल हिमाचल में बीते कुछ माह पहले शिमला के कोटखाई में स्पेशल HP99-9999 नंबर के लिए ऑनलाइन ऑक्शन रखी गई थी. विभाग की तरफ से बेस प्राइस 1 हजार रुपये रखा गया था. 26 लोगों ने बोली लगाई. तीन लोगों ने इस नंबर के लिए 1 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई. पहले बोलीदाता ने 1.12 करोड़ रुपये की बोली लगाने के बाद इस नंबर को लेने से इंकार कर दिया था. बाद में जांच हुई तो पता चला कि सिस्टम से खिलवाड़ किया गया. बोलीदाता भी सामने नहीं आए और इसे फेक बिड कहा गया. बाद में सरकार ने ऑनलाइन ऑक्शन को बंद कर दिया था. जो अब दोबारा शुरू हुई है.
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Tags: Himachal Pradesh News Today, RTO, Shimla News Today
FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 11:25 IST









