
पीयूष पाठक/अलवर. अक्सर कहा जाता है कि दोस्तों की यारी जन्म से मरण तक होती है. एक सच्चा और अच्छा दोस्त बहुत कुछ सिखा देता है. ऐसा ही एक किस्सा अलवर शहर का है. अलवर शहर के रहने वाले पुष्पेंद्र ने अपने दोस्त के स्टार्टअप को देखा और उसे समझने के बाद उनसे शिक्षा ली. इसके पुष्पेंद्र ने खुद का एक स्टार्टअप शुरू कर दिया. उन्होंने अलवर में सबसे पहले शहर के क्रॉस पॉइंट मॉल में एक आइसक्रीम का आउटलेट शुरू किया. देखते ही देखते यह लोगों की पहली पसंद बन गई. बढ़ती मांग को देखते हुए पुष्पेंद्र ने अपने इस स्टार्टअप को बढ़ाने का फैसला लिया. आज के समय में पुष्पेंद्र 13 प्रकार की आइसक्रीम की फ्रेंचाइजी सफल तरीके से चला रहे हैं.
पुष्पेंद्र ने बताया कि वे पिछले 13 साल से काम की लाइन में है. शुरुआती दौर में जॉब करता था. मैंने रिटेल में एमबीए किया है. शुरुआती दौर से ही मुझे अपना खुद का कुछ करना था, लेकिन सबसे पहले मैंने जॉब करने की सोची. मैंने कई साल मैकडॉनल्ड, केएफसी और नरूला में जॉब की है. धीरे-धीरे मैं आगे बढ़ता गया. फिर दोस्त के स्टार्टअप को देखने के बाद मैंने भी अपना स्टार्टअप शुरू करने की ठान ली. इसके बाद मैंने आइसक्रीम की लाइन में कदम रखा. धीरे-धीरे लोगों का प्यार हमें मिलता गया और हमारे आउटलेट बढ़ते गए. शुरुआती दौर में मुझे बहुत सी परेशानी भी आई, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी. जॉब के साथ बिजनेस मेंटेन करना मेरे लिए आसान नहीं था. मैं गुजरात में जॉब करता था और आउटलेट अलवर शहर में खोलना चाहता था.
ऐसे हुई शुरुआत
पुष्पेंद्र ने बताया कि वे अपनी कंपनी की तरफ से आउटलेट के लिए एक जगह देखने के लिए आए थे. इसके बाद उन्होंने सबसे पहले क्रॉस पॉइंट मॉल में अपना आउटलेट शुरू करने का मन बनाया और उन्होंने कुछ समय बाद यह ओपन किया. शुरुआती दौर में मैंने जॉब नहीं छोड़ी, क्योंकि खर्चा चलाना मुश्किल था. उसके बाद हमारा दूसरा आउटलेट आईटी कॉलेज के पास शुरू हुआ. जब मुझे यहां अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा, तो मैंने 6 महीने बाद अपनी जॉब से रिजाइन कर पूरी तरीके से बिजनेस में मन लगा लिया. पिछले 2 साल से मेरे पास नेचुरल आइसक्रीम के आउटलेट हैं. मेरे पास जयपुर, बहरोड़, खतौली और मेरठ सहित 13 जगहों पर आउटलेट हैं.
परिवार हुआ नाराज, लेकिन अब है नाज
पुष्पेंद्र के मुताबिक, शुरुआती दौर में जब मैं जॉब कर रहा था, तो मेरे परिवार वाले भी खुश थे. इस बीच जब मैंने जॉब से रिजाइन किया, तो मेरे परिवार वाले नाराज हुए. उन्होंने समझाया कि नौकरी से अच्छा कुछ नहीं. बिजनेस का पता नहीं रहता कब तक चलेगा. मैं मन में ठान चुका था कि मुझे बिजनेस ही करना है. आज मेरे परिवार को मेरे डिसीजन पर नाज है. मैं नौकरी से अच्छा अपने बिजनेस में कमा रहा हूं. लोग यहां आकर हमारी आइसक्रीम की तारीफ करते हैं. पुष्पेंद्र ने बताया कि हमारे आउटलेट में करीब 50 लोग काम करते हैं जिनका भी घर इसी से चल रहा है. आइसक्रीम के आउटलेट चलाने वाले पुष्पेंद्र ने बताया कि अभी हमारी शुरुआत है. अभी हमारा साल का टर्नओवर करीब 60 लाख का हो रहा है. मेरी कोशिश यह रहेगी कि जल्द ही में इसे बड़ा कर सकूं. मैं और लोगों से भी कहना चाहूंगा जो भी बिजनेस करें उसे पूरे मन से करें.
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FIRST PUBLISHED : May 17, 2023, 11:15 IST









