यूपी पुल‍िस का कारनामा! गुलाब के फूल को पैरों से कुचला तो किया गिरफ्तार, कोर्ट ने पूछा- ये कानून के ल‍िए कैसे खतरा?

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हाइलाइट्स

निकाय चुनाव के नतीजों के बाद गुलाब के फूल को कुचलने पर दो युवकों को गिरफ्तार किया था
दोनों युवकों को जब कोर्ट में पेश किया गया तो न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ज्यूडिशियल रिमांड देने से इनकार कर दिया

रिपोर्ट: मनोज शर्मा
लखीमपुर खीरी. यूपी के लखीमपुर खीरी में हुए निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा बाजार में पटाखे फोड़ने और गुलाब के फूल को कुचलने के मामले में वीडियो वायरल होने के बाद भीरा पुलिस ने दो आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया था. आपराधिक मामलों में गिरफ्तार इन दोनों युवकों को जब कोर्ट में पेश किया गया तो न्यायिक मजिस्ट्रेट ने ज्यूडिशियल रिमांड देने से इनकार कर दिया और पुलिस को फटकार लगाई. साथ ही पूछा कि किस कानून के तहत ये समाज के लिए खतरा हैं?

मामला लखीमपुर खीरी के भीरा कोतवाली का है, जहां निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी चारु शुक्ला की जीत के बाद उनके उनके समर्थकों ने खुशियां मनाते हुए बाजार में आतिशबाजी की. उसी दौरान कुछ समर्थकों ने गुलाब के फूलों को पैर से कुचल श्रद्धांजलि दी. जिसका वीडियो वायरल हुआ था. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई और इसकी शिकायत भीरा थाने में की. वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने दो आरोपी अंकुर शुक्ला और अमन को मुकदमा संख्या 153 / 2023 में आईपीसी की धारा 147, 504, 506 ,153a के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया.

पुलिस नहीं कर पाई कोई साक्ष्य पेश
खीरी जिले के SPO एसपी यादव ने बताया कि भीरा पुलिस ने 7 साल की कम सजा वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट लाई थी. आरोपियों का ज्यूडिशियल रिमांड लेने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट शिखर अग्रवाल के सामने पेश किया गया. लेकिन न्यायिक मजिस्ट्रेट ने CRPC की धारा 41 का पालन करने का निर्देश देते हुए आरोपियों को वापस कर दिया. CRPC की धारा 41 में 7 साल से कम सजा पाने वाले अभियुक्तों को जेल नहीं भेजा जा सकता. लेकिन इसके साथ प्रावधान यह भी है कि अगर पुलिस कोर्ट में यह साबित करे कि आरोपियों का जेल से बाहर रहने पर समाज और कानून के लिए खतरा पैदा हो सकता है तो उसी स्थिति में कोर्ट आरोपियों को जेल भेज सकती है. लेकिन इस मामले में खीरी पुलिस आरोपियों खिलाफ कोई साक्ष्य पेश नहीं कर पाई. इसके चलते जुडिशल मजिस्ट्रेट ने रिमांड देने से इनकार कर दिया। भीरा थाने के इंचार्ज विमल गौतम ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था, जहां माननीय कोर्ट ने मामले को रिफ्यूज कर दिया.

Tags: Lakhimpur Kheri, UP latest news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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