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ललितेश कुशवाहा/ भरतपुर. राजस्थान का भरतपुर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (Keoladeo National Park) के साथ अपना घर आश्रम के लिए भी मशहूर है. यह आश्रम डॉ. बीएम भारद्वाज और डॉ. माधुरी भारद्वाज द्वारा संचालित बेसहारा लोगों का ठिकाना है. यहां उनके रहन सहन से लेकर खानपान के उचित प्रबंध किए जाते है. वही इस आश्रम में 4600 से अधिक प्रभुजन एक साथ निवास करते है. इतने लोगों के लिए कम समय में खाना पकाने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित देश की सबसे बड़ी रसोई का निर्माण किया गया है. यहां 2 घंटे में करीब 20 से 25 हजार लोगो का खाना 200 हलवाइयों द्वारा तैयार किया जा सकता है. इस रसोई में चपाती मेकर, सब्जी कटर , पिलर आदि मशीनों सहित करोड़ों रुपए के उपकरण है. इस रसोई में 4600 प्रभुजनो का खाना 8 घंटे में चार बार तैयार कर खिलाया जाता है. इस रसोई को देखने के लिए जिले सहित अन्य प्रांतों के भी लोग पहुंच रहे है.
31 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में 200 करोड़ रुपए की कीमत से बनी है हाइटेक रसोई..
अपना घर आश्रम संचालक डॉ. बीएम भारद्वाज (Dr. BM Bhardwaj) ने बताया कि आश्रम में काफी संख्या में लोग निवास करते है. इनके के लिए खाना बनाने में अधिक समय लगता था. जिसे ध्यान में रखते हुए 31 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में इस रसोई (Kitchen) का निर्माण करवाया गया और 200 करोड़ रुपए की कीमत के उपकरण खरीदे गए. जिनमे रोटी मेकर मशीन, सब्जी कटर और धुलाई , छिलाई मशीन, पनीर मेकर मशीन आदि अत्याधुनिक उपकरण है. यह रसोई फायर जॉन और नॉन फायर जॉन दो भागो में बटी हुई है. फायर जॉन में खाना बनाने और नॉन फायर जॉन में सामग्री रखी जायेगी. इस रसोई के लिए दो जरनेटर सेट भी लगाए गए है बिजली के जाने के स्थिति में इनका उपयोग किया जा सकेगा.
रसोई में विशेष प्रकार के कस्टमाइज उपकरण लगाए..
इस रसोई में विशेष प्रकार के कस्टमाइज उपकरण (Device) लगाए गए हैं. जिसमें स्टीम कुकिंग सिस्टम, वेजिटेबल वाशर कटर और पीलर, चपात मेकर , पनीर मेकर प्रमुख हैं. जो कि 1 घंटे में 1 टन सब्जी काट-छीलकर- धोकर तैयार कर देते हैं. 4 हजार से 6 हजार चपाती प्रति घंटे बनाने वाली मशीन है और 1 हजार किलो आटा 1 घंटे में गूंथने की दो मशीनें भी लगाई गई है. उन्होंने बताया कि एक ऐसी भी मशीन लगाई गई है जिसमें कि आटा डालो और वो 1 घंटे में एक हजार चपाती घी लगा कर तैयार कर देती है.अब इस रसोई में 4600 प्रभुजनों के लिए आसानी से खाना बनाया जाता है.
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FIRST PUBLISHED : May 16, 2023, 14:14 IST








