बेटी के शव को बाइक पर रख 70 KM की सफर पर निकल पड़ा मजबूर पिता, पता चला तो आधी रात को पहुंचे कलेक्‍टर फिर…

Share Now:

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


 SAURABH KUMAR PANDEY

शहडोल. मध्य प्रदेश के शहडोल से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे जानकर आपकी आंखें भी नम हो जाएंगी. यहां एक 13 साल की बच्ची की मौत हो जाती है. बेटी की मौत के बाद पिता को उसके शव को बाइक पर ही रखकर करीब 70 किलोमीटर का सफर तय करने निकल पड़ा. हालाकि जैसे ही मामले की सूचना आधी रात कलेक्टर और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को मिली उन्होंने फौरन पिता को रुकवाकर. फिर बच्ची के शव को वाहन से उसके गृहग्राम तक पहुंचाया गया.
केशवाही के कोटा गांव में रहने वाले लक्ष्मण सिंह की बेटी माधुरी सिंह सिकलसेल नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी. उसे स्थानीय अस्पताल से जिला अस्पताल रेफर किया गया था. यहां उसका इलाज आईसीयू में चल रहा था, लेकिन इसी दौरान माधुरी की मौत हो गई.

पिता के पास नहीं थे पैसे  
मृतिका के पिता लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उसकी बेटी की हालत गंभीर थी. उसके शरीर में खून की कमी थी. जैसे ही आईसीयू में रखकर उसे ब्लड चढ़ाया जा रहा था, तभी उसकी मौत हो गई. मौत के बाद रात में ही घर निकलना था. जिला अस्पताल में हमने शव वाहन मांगा, जिस पर मुझे कहा गया कि हम शव वाहन सिर्फ 15 KM के अंदर ही देते हैं. 70KM के लिए शव वाहन नहीं मिलेगा. तुम प्राइवेट शव वाहन कर लो.

ये भी पढ़ें: ‘मेरी बेटी को कोई दुख मत देना’ – हाथ पर लिखकर महिला ने उठाया खौफनाक कदम, पति पर केस दर्ज

लक्ष्मण सिंह ने बताया वह गरीब घर से है. उसके पास इतना पैसे नहीं थे कि वह शहडोल से कोटा गांव के लिए प्राइवेट शव वाहन करके अपने घर जाता. इस कारण उसने मजबूरी में बाइक से ही 70 किलोमीटर का सफर तय करने का फैसला लिया. जिला अस्पताल से जब बेटी के शव को बाइक पर रखकर पिता निकला तो सड़क पर इस मंजर को देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए. कुछ लोगों ने पिता की बाइक को रूकवाया और उससे घटना के बारे में जानकारी ली. मामले की सूचना कलेक्टर और सिविल सर्जन को दी गई. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आनन-फानन में पीड़ित को शव वाहन दिलाया. इसके बाद पिता बेटी के शव को लेकर अपने गृहग्राम कोटा पहुंचा.

Tags: Madhya pradesh news, Shahdol News

Source link

Up Head Line
Author: Up Head Line

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें