Uttarkashi News: जान जोखिम में डाल स्कूली बच्चों करते है लकड़ी के पुल से नदी को पार, कभी भी हो सकता है हादसा

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बलबीर परमार, उत्तरकाशी. उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जिला मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर की दूरी पर लकड़ी के पुल से स्कूली छात्र और स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं. स्यूंणा गांव के ग्रामीणों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. भागीरथी नदी पर बल्लियों के सहारे बनाए गए इस पुल को पार करना किसी खतरे से कम नहीं है, लेकिन इस पुल से सफर करना स्थानीय लोगों की मजबूरी बन गया है. हर दिन यहां से स्कूली बच्चे सुबह शाम जान खतरे में डालकर जाने को मजबूर हैं.

नदी का जलस्तर भी हर दिन बढ़ रहा है. ऐसे में यहां से सफर करना खतरनाक हो सकता है. जिला मुख्यालय से चार किमी दूरी पर स्थित स्यूंणा गांव के लिए सड़क और पुल की सुविधा नहीं है. कई बार ग्रामीणों के साथ हादसे भी हो चुके हैं. बीते हफ्ते एक युवती इस पुल से नदी में गिरकर बह गई लेकिन गनीमत रही कि ग्रामीणों ने नदी में कूदकर युवती की जान बचा ली.

ग्रामीण वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों की मांग पर जिला प्रशासन ने इलेक्ट्रानिक ट्रॉली का वादा किया, लेकिन वहां हस्तचलित ट्रॉली लगा दी, जिसकी लोहे की रस्सी खींचने के कारण कई ग्रामीणों के हाथ की अंगुलियां कट गईं. वहीं इस ट्रॉली पर बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं अकेले नहीं जा सकते हैं.

ग्रामीण सुरेंद्र भट्ट का कहना है कि सालों से गांव के लोग पुल की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया. ग्रामीण कुशला उनियाल ने कहा कि हर रोज स्कूली बच्चे डर के साए में इस पुल को पार करते हैं. कई बार ग्रामीणों के साथ हादसे भी हो चुके हैं.

वही इस मामले में एसडीएम चतर सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली के लिए धनराशि स्वीकृत हो चुकी है. जल्द इसे लगाने का काम शुरू हो जाएगा.

Tags: Uttarakhand news, Uttarkashi News

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Author: Up Head Line

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