East champaran : गार्डनिंग का कर रहे हों प्लान, तो इनसे करें संपर्क, मुफ्त में बना देंगे परफेक्ट डिजाइन

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नकुल कुमार/पूर्वी चम्पारण. अक्सर गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोग गार्डनिंग के विषय में विशेष जानकारी ना होने के कारण अपने टेरिस गार्डन अथवा लाॅन गार्डन को ठीक ढंग से सुसज्जित नहीं कर पाते हैं. गार्डनिंग की विशेष जानकारी रखी जाए, तो छोटे से जगह में भी अच्छे से गार्डनिंग की जा सकती है. पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में कई नर्सरी है. यहां के कृष्णकांत भी एक नर्सरी चलाते हैं.

उन्होंने पूसा से गार्डनिंग का दो वर्षीय कोर्स भी किया है. वह लोगों को पौधा देते समय किस तरह के पौधे किस जगह पर लगाना चाहिए, इससे संबंधित जानकारी भी देते हैं. वे कहते हैं कि यदि कोई चाहे तो हम उसके गार्डेनिंग प्लान का स्केच कर सकते हैं. वे इसके लिए अभी कोई चार्ज नहीं ले रहे हैं.

टेरेस गार्डन और लॉन गार्डन
कृष्णकांत कहते हैं कि शहरों में जहां जगह काम होता है, वहां गार्डनिंग दो तरह से की जाती है. लाइन एवं टेरेस गार्डनिंग छत पर और गैलरी में की जाती है. इसके अंतर्गत सजावटी दृष्टिकोण से गेंदा, बालसम, सूरजमुखी, लैवेंडर, साल्विया, कोलियस, सेलोसिया, कॉसमॉस जैसे पौधे लगाए जाते हैं. वहीं, धार्मिक दृष्टिकोण से शम्मी, तुलसी, बेल आदि पौधे लगाए जाते हैं.

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पूर्वी चंपारण

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वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से लगाए जाने वाले पौधे
आजकल ना सिर्फ वास्तु के दृष्टिकोण से घर बनाए जा रहे हैं, बल्कि घर में वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से पौधे भी लगाए जा रहे हैं. उन्हीं में से कुछ ऐसे पौधे हैं, जिन्हें वास्तु के दृष्टिकोण से लगाया जाता है. जिनमें चमेली, एलोवेरा, गोल्डन पोथोस, पियोनिया, जेड प्लांट जैसे पौधे हैं. कृष्णकांत कहते हैं कि फॉर्मल गार्डनिंग के अंतर्गत एक फिक्स जगह में खास डिजाइनिंग का ख्याल रखा जाता है. वहीं दूसरी ओर एक बड़े क्षेत्र में गार्डनिंग की जाती है, उसे इनफॉर्मल गार्डेनिंग कहते हैं.

लाॅन गार्डेनिंग, इनडोर एवं आउटडोर प्लांट्स
लॉन गार्डन के अंतर्गत घर के आसपास खाली पड़ी हुई जमीन पर घर को डेकोरेटिव बनाने के लिए गमले में अथवा क्यारी बनाकर गार्डनिंग की जाती है. इसके अंतर्गत बहुत सारे इनडोर व आउटडोर प्लांट लगाए जाते हैं. एक और जहां धूप में आउटडोर प्लांट लगाए जाते हैं, तो वहीं छांव में इनडोर प्लांट लगाए जाते हैं. एकजोरा, कामिनी, गुलाब आदि धूप में लगाए जाते हैं, वही छाया क्षेत्रों में पाम वैराइटीज, कामिनी, विक्टोरिया आदि के पौधे लगाए जाते हैं.

वे कहते हैं कि बहुत से लोग इनडोर प्लांट्स को लेकर कंफ्यूज होते हैं. वे समझते हैं कि सभी पौधा घर के अंतर्गत रख सकते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. कुछ ही पौधे ऐसे हैं जिन्हें घर के अंदर रख सकते हैं, जिनमें जीजी प्लांट, विक्टोरिया, ड्रेसीना ग्रुप, कुछ चाइना पाॅम, बंबूज हैं.

Tags: Bihar News in hindi, Champaran news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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