
सौरभ तिवारी/बिलासपुर. कहावत है पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं. बिलासपुर के स्वर्णिम शुक्ला की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. पैदा होने के साथ स्वर्णिम के चाचा ने कह दिया था की यह बच्चा बड़ा होकर अफसर बनेगा. स्वर्णिम जब बड़े हुए तो स्कूल से ही पढ़ाई को लेकर उनमें ऐसी रुचि जगी के वह टॉप करने लगे.
कॉलेज गए तो वहां भी बेहतरीन पढ़ाई की और अच्छे मार्क्स लाकर सभी को खुश किया. बस तभी से स्कूल और कॉलेज के शिक्षकों ने भी यह मान लिया की पक्का स्वर्णिम आगे जाकर कुछ बड़ा करेंगे. आखिरकार स्वर्णिम ने इस बात को सच कर दिखाया. CGPSC 2021 की परीक्षा क्रैक कर स्वर्णिम ने 16वीं रैंक हासिल की और ट्राइबल असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर चयनित हुए.
स्वर्णिम स्कूल और कॉलेज के बाद सीधा UPSC की तैयारी में जुट गए. जब कई प्रयासों के बाद UPSC में बात नहीं बनी तो स्वर्णिम ने CGPSC देने की सोची. इसके बाद 2021 में तीसरे अटेम्प्ट में स्वर्णिम ने CGPSC Pre, Mains और interview निकाल कर असिस्टेंट डायरेक्टर ट्राइबल का पद नाम किया.
रिजल्ट रुका तो डिप्रेशन हो गया था
स्वर्णिम ने इस उपलब्धि का पूरा श्रेय माता-पिता, चाचा, परिवार, दोस्तों और शिक्षकों को दिया है, जो उनके साथ इस सफर पर लगातार साथ रहे. बताया की रिजल्ट रुक जाने से काफी निराशा थे, डिप्रेशन का माहोल था, लेकिन उम्मीद कायम थी. अंत में मेहनत का अच्छा परिणाम मिला. कहा की ऐसा भी समय आया जब वह हार जाते थे, थक जाते थे. उनकी मां ने कभी हार नहीं मानी. वह मोटिवेट करती रहीं.
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Tags: Bilaspur news, CGPSC, Chhattisgarh news
FIRST PUBLISHED : May 13, 2023, 20:09 IST








