
कोल्लम: केरल में हुई डॉक्टर की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. 25 साल की डॉक्टर वंदना दास की एक स्कूल टीचर ने चाकू मारकर हत्या कर दी. आरोपी संदीप को पुलिस कोट्टारक्कारा इलाके के एक तालुक अस्पताल में इलाज के लिए लाई थी. इस घटना की क्रूरता ने सभी को झकझोर कर रख दिया. आरोपी ने पुलिसकर्मियों सहित चार अन्य लोगों पर भी अस्पताल में कैंची से हमला कर दिया. अब इस पूरी घटना के चश्मदीद गवाह एंबुलेंस चालक राजेश ने मीडिया के सामने उस भयावह रात की घटनाओं का खुलासा किया है. राजेश ने कहा,’ कैजुअल्टी वार्ड के अंदर हो रहे हंगामे की वजह से रात करीब 2 बजे नींद खुल गई. मैंने देखा कि होमगार्ड पर हमला किया जा रहा है’.
राजेश ने बताया.’होमगार्ड को एक कुर्सी पर धकेला गया और सिर और गर्दन पर बार-बार मुक्का मारा गया. जब मैंने संदीप को पीछे से खींचा, तो उसने मेरे बाएं हाथ पर मुक्का मारा. मुझे कुछ अजीब महसूस हुआ. कुछ देर बाद मैंने अपना हाथ देखा तो काफी खून बह रहा था. तब मुझे समझ में आया कि वह लोगों को घूंसा नहीं मार रहा था, बल्कि कैंची से वार कर रहा था.’
पुलिस वालों को छुरा घोंपा
राजेश ने बताया, ‘नुकीला औजार उसकी मुड़ी हुई मुट्ठी में छिपा था. उसने अपने अंगूठे को कैंची में फंसा रखा था ताकि वह फिसल कर गिर न जाए.’ राजेश के चंगुल से छूटने के बाद संदीप ने फिर से होमगार्ड के सिर में वार करना शुरू कर दिया. इसी बीच सब इंस्पेक्टर मौके पर पहुंच गए. राजेश ने कहा, ‘उसने संदीप पर प्लास्टिक की कुर्सी से हमला करने की कोशिश की, लेकिन वह फिसल गया और गिर गया. संदीप ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन ऑफिसर चाकू लगने से बच गया.’
राजेश ने मलयाला मनोरमा को बताया,’संदीप के अगले शिकार थे एएसआई मणिलाल. उसने मणिलाल पर हमला इसलिए किया क्योंकि वह अपने सीनियर को बचाने की कोशिश कर रहे थे. उन्होंने बताया, ‘संदीप ने एएसआई को पकड़ लिया और उसे दीवार पर धक्का दे दिया. उसने उनका गला दबाते हुए उसके सिर में कई बार वार किया. उसने हम सभी को हथियार घुमाकर दूर रखा. इस बीच, किसी ने बाहर से कैजुअल्टी वार्ड को बंद कर दिया. हम में से कुछ और महिला कर्मचारी संदीप के साथ अंदर फंस गए.’
कैसे हुई डॉक्टर वंदना की हत्या
मलयालम डेली की रिपोर्ट के अनुसार, संदीप अपशब्द कहते हुए वार्ड में घूमने लगा. बाद में वह लिफ्ट के पास एक कुर्सी पर आकर बैठ गया. तभी ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर वंदना और पूर्णमनी चीख-पुकार सुनकर बाहर आए’. फिर राजेश ने लगभग सभी महिला कर्मचारियों को ड्यूटी नर्स ऑफिस के अंदर बंद कर दिया. डॉक्टर पूर्णामी ने कैजुअल्टी डॉक्टरों के चेंबर में छुपकर खुद को बचाया. लेकिन डॉ.वंदना संदीप को देखकर दंग रह गई. चश्मदीद ने कहा,’मैंने डॉक्टर को भागने के लिए चिल्लाया और कुछ को नर्स होम में बंद कर लिया. कुछ देर बाद बाहर निकला तो जमीन पर घूंसा मारने जैसी आवाज आई और किसी को दर्द से कराहते हुए सुना. मैं जब बाहर गया तो देखा कि ऑब्जर्वेशन रूम में डॉक्टर जमीन पर थी और आरोपी उनके सिर के पास वार कर रहा था.’
राजेश ने कहा, ‘डॉ. शिबिन कहीं से भागे और डॉ. वंदना को पैरों से खींचकर हमलावर से दूर करने की कोशिश की. इस दौरान संदीप के हाथों से हथियार गिर गया. फिर उन्होंने अपने घायल सहयोगी को उठाया और एक्स-रे रूम से बाहर निकले. तभी कहीं से आरोपी संदीप ने कैंची ढूंढ ली और डॉक्टर वंदना की पीठ में फिर से वार कर दिया.’ राजेश ने कहा, ‘डॉ. शिबिन कहीं से भागे और डॉ. वंदना को पैरों से खींचकर हमलावर से दूर करने की कोशिश की. इस दौरान संदीप के हाथों से हथियार गिर गया. फिर उन्होंने अपने घायल सहयोगी को उठाया और एक्स-रे रूम से बाहर निकले. तभी कहीं से आरोपी संदीप ने कैंची ढूंढ ली और डॉक्टर वंदना की पीठ में फिर से वार कर दिया.’ भयानक घटना को याद करते हुए राजेश ने कहा,’संदीप ने खून से सनी कैंची को धोकर फेंक दिया. इसके बाद में उसे फर्श पर गिरा दिया. जल्द ही और पुलिसकर्मी भी आ गए. फिर पहले हमने उसके हाथ तौलिए से बांधे. फिर हथकड़ी पहनाई गई.’
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FIRST PUBLISHED : May 12, 2023, 21:23 IST








