
अभिषेक जायसवाल/वाराणसी.वाराणसी के ज्ञानवापी में मिले कथित शिवलिंग को लेकर शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में कथित शिवलिंग को बिना नुकसान पहुंचाए वैज्ञानिक जांच का आदेश दिया.हाईकोर्ट के इस बड़े आदेश के बाद अब मुस्लिम पक्ष का रिएक्शन भी सामने आ गया है.
ज्ञानवापी से जुड़े अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने फोन पर बातचीत में कहा कि हाईकोर्ट का यह फैसला स्वागत योग्य है. मैं भी चाहता हूं कि दूध का दूध और पानी का पानी हो.’उन्होंने आगे कहा कि मैं अब भी यह बात कह रहा हूं कि वो कोई शिवलिंग नहीं बल्कि फव्वारा है.
कमीशन की कार्रवाई के दौरान मिला था शिवलिंग
बताते चलें कि ज्ञानवापी के कोर्ट कमीशन की कार्रवाई के दौरान ये कथित शिवलिंग ज्ञानवापी के वजू खाने को खाली कराने के बाद सामने आई थी.इस कथित शिवलिंग के सामने आने के बाद हिन्दू पक्ष की अपील पर कोर्ट ने इस वजूखाने को सील कर दिया था.जिसके बाद ये चर्चा शुरू हो गई थी कि वजूखाने में मिला शिवलिंग नुमा स्ट्रक्चर आदि विशेश्वर का है और अब इसी कथित शिवलिंग के जांच के लिए हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है.
हिन्दू पक्ष मां रहा बड़ी जीत
बता दें कि कोर्ट ने अपने आदेश में ये साफ तौर पर कहा कि है कि इस साइंटफिक जांच के दौरान कथित शिवलिंग को किसी तरह का नुकसान न हो.वहीं हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन इस आदेश को हिन्दू पक्ष की बड़ी जीत मान रहे हैं.








