
विजय राठौड़/ग्वालियर.सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है. परीक्षा परिणाम बेहतर रहने पर छात्रों के साथ ही उनके मां-बाप के भी चेहरे खिले हुए हैं. ग्वालियर के जतिन अग्रवाल ने कक्षा दसवीं में 97.6% अंक हासिल कर अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है. तो आइए जानते हैं उन्होंने यह सफलता किस तरह से हासिल की.
जतिन ने बताया कि उन्होंने सीबीएससी बोर्ड के कक्षा दसवीं में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है.जिसमें विज्ञान विषय में उन्होंने शत प्रतिशत अंक हासिल किए हैं. इस सफलता के पीछे उन्होंने अपनी मेहनत बताते हुए कहा कि उन्होंने इस बार एनसीईआरटी के पैटर्न पर तो तैयारी की ही थी. इसके साथ ही उन्होंने अवधारणा आधारित प्रश्न पर ज्यादा तैयारी की थी और ज्यादा से ज्यादा कांसेप्ट को अपने टीचर व सहयोगी के साथ समय-समय पर क्लियर किया था. इसके साथ ही उन्होंने अधिकांशत सैंपल पेपर्स को भी फॉलो करते हुए उन्हें समय-समय पर अभ्यास करते रहे. जिससे उन्हें अपने पेपर में आने वाले प्रश्नों को हल करने में ज्यादा समय नहीं लगा. क्योंकि सैंपल पेपर के माध्यम से उनकी गति में काफी सुधार हुआ था. और उनकी स्पीड काफी बढ़ गई थी. उन्होंने बताया कि जिन टीचर से उन्होंने प्राइवेट ट्यूशन लिया था. उन्होंने उन्हें टाइम मैनेजमेंट करना बहुत अच्छे से सिखाया था. जिसके माध्यम से समय पर भी पेपर में आने वाले सभी प्रश्नों को हल कर पाया
माता-पिता का रहा सहयोग
जतिन ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे सबसे अधिक श्रेय उनके माता पिता का है, क्योंकि बिना माता-पिता के मोटिवेशन के शायद यह संभव न हो पाता. इसके अलावा माता-पिता द्वारा रखे गए उनके ख्याल और समय-समय पर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के चलते यह कार्य संभव हो सका. उनके माता-पिता समय-समय पर उनका उत्साहवर्धन भी करते रहते थे. ताकि हताशा उनके आसपास भी न पाए . इसके अलावा भी समय-समय पर मेरे पढ़ाई में भी मुझे गाइड करते रहे टाइम टेबल के हिसाब से मुझे कभी-कभी पढ़ाया भी करते थे ताकि मन में भटकाव की स्थिति उत्पन्न न हो.
तनाव रहित पढ़ाई का मिला लाभ
जतिन ने बताया कि साइंस साइड में मुझे शुरु से ही इंटरेस्ट रहा है इसी के चलते साइंस में मेरे 10th में 100 अंक प्राप्त किया है. आगे की कक्षाओं पीसीएम लेकर प्रयास करूंगा कि अच्छे से अच्छे अंक प्राप्त करना है जिससे अच्छा इंजीनियर बन सकूं. जतिन का कहना है कि हमें किसी भी चीज को लेकर कभी तनाव नहीं लेना चाहिए. समय पर भरोसा रखना चाहिए और अपने प्रयास करते रहना चाहिए क्योंकि प्रयास कभी भी बेकार नहीं होते.
गौरवान्वित महसूस कर रहे है माता-पिता
जतिन के पिता वरुण अग्रवाल ने बताया कि यह क्षण उन्हें गौरवान्वित महसूस करा रहा है. उन्होंने बताया कि इससे पहले उनकी बिटिया के भी 12 वीं में काफी अच्छे अंक आए थे तब भी उन्हें उतनी ही खुशी हुई थी जितनी आज है और बच्चे आगे बढ़े अच्छा करें, हर मां-बाप का यही सपना होता है और मेरे बच्चे मेरे सपने को जी रहे हैं यही मेरे लिए बड़ी बात है. उन्होंने बताया कि यह सदैव सही अचीवर रहा है. वह चाहे कोई भी फील्ड हो सभी जगह यह अच्छी तरह से जीता है और पढ़ाई भी पूरी ध्यान से लगाकर करता है हमने भी कभी पढ़ाई को लेकर तनाव नहीं दिया सदैव बच्चे को मोटिवेट करना चाहिए. उसे तनाव में नहीं डालना चाहिए. वही किया और परिणाम आपके सामने हैं.
मदर्स डे का सबसे बड़ा तोहफा दिया है मेरे बेटे ने
जतिन की मां सारिका अग्रवाल का कहना है कि बच्चे इतना अच्छा रिजल्ट लेकर आए हैं. यही गर्व की बात है और यही मेरे लिए मदर्स डे का भी सबसे अच्छा तोहफा है. अच्छा लगता है जब आपके बच्चे अच्छा काम करते हैं और जतिन के अच्छे मार्क्स के लिए सभी ने हमें बधाईयां भी दीं है परिणाम आने के बाद से ही बधाइयों का जो सिलसिला शुरू हुआ है अबतक नहीं थी है
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FIRST PUBLISHED : May 12, 2023, 19:52 IST








