
मनमोहन सेजू/ बाड़मेर. कहते है कि शिक्षा दान सबसे बड़ा दान होता है लेकिन देहदान को भी उसके बराबर माना जाता है. भारत-पाकिस्तान सीमा पर बसे बाड़मेर में मंगलवार को एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के 4 सदस्यों ने एक साथ देहदान की घोषणा की है. बाड़मेर जिले की मेडिकल कॉलेज में अब तक 34 देहदान की घोषणा हो चुकी है और अब तक महज 2 देह मिली है.
बाड़मेर के मेडिकल कॉलेज के इतिहास में यह पहला मौका है जब एक साथ एक ही परिवार के चार सदस्यों ने देहदान की घोषणा की है.बाड़मेर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी चारों लोगो का माला पहना कर स्वागत कर मुंह मीठा करवाया है. बाड़मेर मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष ड़ॉ अभिजीत जोशी ने बताया कि मंगलवार को बाड़मेर मेडिकल कॉलेज में 33 वर्षीय ड़ॉ खंगार सिंह पुत्र आसुराम निवासी हरदानपुरा हाल पीएचसी घोनिया, 61 वर्षीय चोलाराम पुत्र खेराज राम निवासी हरदानपुरा, 88 वर्षीय खेराजराम पुत्र उदाराम निवासी हरदानपुरा और 43 वर्षीय ड़ॉ रूप सिंह जाखड़ निवासी जाखडो का तला हाल एसीबीईओ धोरीमन्ना ने देहदान की घोषणा की है.
यह चारों एक ही परिवार के सदस्य है और तीन पीढियां है. ड़ॉ अभिजीत जोशी और देहदान प्रभारी ड़ॉ मुकेश फुलवरिया ने बताया कि बाड़मेर में अब तक 34 लोगो ने देहदान की घोषणा की है जिसमे 2 लोगोंकी देह प्राप्त हो चुकी है. मंगलवार को पहली बार एक साथ 4 लोगो ने देहदान की घोषणा की है.चारो को सहमति पत्र सौंपने के साथ उन्हें फूल मालाए पहनाकर स्वागत किया गया है.
पीएचसी प्रभारी ड़ॉ खंगार सिंह ने बताया कि उन्होंने जब मेडिकल की पढ़ाई की तब उन्हें प्रैक्टिस के लिए देह की क्राइसिस रहती थी तभी से मन मे सोच लिया था कि देहदान करूंगा. आज दादा,चाचा और जीजा के साथ देहदान किया है. वहीँ ड़ॉ रूपसिंह जाखड़ बताते है कि शिक्षा दान के बाद देह दान सबसे बड़ा दान होता है. इसलिए एक ही परिवार से 4 सदस्यों ने देहदान का संकल्प लिया है.
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FIRST PUBLISHED : May 09, 2023, 15:53 IST








