
सौरभ वर्मा/रायबरेली. आगामी 15 मई से स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 दिन का एक अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत जनपद के सभी विकास क्षेत्रों में संदिग्ध मरीजों की बलगम की जांच की जाएगी. यदि कोई भी मरीज क्षय रोग से संक्रमित मिलता है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा. जिससे जनपद को क्षय रोग मुक्त बनाया जा सके और लोगों का स्वास्थ्य भी सुधारा जा सके.
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह के मुताबिक जनपद में बने प्रत्येक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर क्षय रोग से संक्रमित लोगों का चिन्हित कर जांच और उपचार किया जाएगा .निक्षय पोषण योजना का लाभ दिलाने के साथ ही काउंसलिंग भी की जाएगी जिसमें आशा कार्यकर्ता और एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगामी 15 मई से क्षय रोगियों की पहचान करने के लिए चलाए जाने वाले अभियान में प्रमुख रूप से आशा कार्यकर्ता और एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. यह लोग घर-घर जाकर क्षय रोगियों की पहचान करेंगी. जिससे उन्हें निक्षय पोषण योजना का लाभ दिलाने के साथ ही काउंसलिंग आज की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके.
क्षय रोग के लक्षण
अगर आपको कई दिनों से लगातार तेज बुखार के साथ खांसी आ रही है या फिर शाम के समय बुखार आने लगे, वजन में कमी, सीने में दर्द, थकान लगने लगे, साथ ही बलगम में खून आने की समस्या हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अपनी बलगम की जांच जरूर कराएं. इससे किस समय रहते आपको समुचित इलाज मिल सके.
15 मई से शुरू होगा अभियान
न्यूज 18 से बात करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अनुपम सिंह ने बताया कि जनपद को क्षय रोग से मुक्त बनाने के लिए ग्रामीण अंचल क्षेत्रों में बने 221 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आशा कार्यकर्ता और एएनएम के माध्यम से आगामी 15 मई से 21 दिनों तक क्षयरोगी ढूंढने का अभियान चलेगा. इस अभियान के तहत क्षय मरीजों का चिन्हित कर जांच और उपचार किया जाएगा. निक्षय पोषण योजना का लाभ दिलाया जाएगा.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
Tags: Raebareli News, Uttar Pradesh News Hindi
FIRST PUBLISHED : May 09, 2023, 15:13 IST








