
हाइलाइट्स
“द केरल स्टोरी” फिल्म को मध्य प्रदेश ने टैक्स फ्री कर दिया है जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल ऐसा कर सकते हैं
किसी भी फिल्म पर बेस प्राइस पर जीएसटी लगता है और ये सेंट्रल जीएसटी और स्टेट जीएसटी को जोड़कर बनता है
आमतौर पर टैक्स फ्री फिल्मों का मतलब होता है कि राज्यों ने उसमें अपने हिस्से के जीएसटी को खत्म करने की राहत दी है
करीब सालभर पहले बीजेपी शासित राज्यों ने मूवी कश्मीर फाइल्स को टैक्स फ्री कर दिया था. इस फिल्म को बड़े पैमाने पर दर्शकों ने देखा. अब विवादों को हवा दे रहे मूवी द केरल स्टोरी को मप्र ने टैक्स फ्री कर दिया. उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल भी इस मूवी को टैक्स फ्री करने जा रहे हैं. कुछ ऐसा ही बीजेपी शासित दूसरे राज्यों में हो सकता है. क्या होता है जब कोई फिल्म टैक्स फ्री होती है. उससे दर्शकों को क्या फायदा मिलता है.
किसी मूवी को टैक्स फ्री करना राज्य का विषय होता है, लिहाजा राज्य ही उसके लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं. जब हम कोई मूवी देखने सिनेमाघरों या मल्टीप्लेक्स में जाते हैं तो वहां हर फिल्म को देखने के लिए हमें जितना पैसा देना होता है, दरअसल उस कीमत में कई तरह के टैक्स भी शामिल होते हैं.
जब कोई फिल्म टैक्स फ्री हो जाती है तो दर्शकों को कई तरह के टैक्स मूवी टिकट पर नहीं देने होते. फिल्म देखना सस्ता हो जाता है. इससे फिल्म देखने वाले दर्शक बढ़ जाते हैं. इससे देखने वालों को भी फायदा होता है और फिल्म बनाने वाले को भी.
सवाल – किसी फिल्म पर कितने तरह के टैक्स लगते हैं?
-देश में GST लागू होने के बाद से दो तरह के टैक्स टिकट के बेसप्राइस पर लगते हैं. इसे एंटरटेनमेंट टैक्स भी कहते हैं. अगर सिनेमाघर ने टिकट की कीमत 100 रुपए तक रखी हो तो उस पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है, इस 12 फीसदी जीएसटी को दो हिस्सों में तोड़ा जाता है सेंट्रल जीएसटी यानि सीजीएसटी (CGST) और स्टेट जीएसटी यानि एसजीएसटी (SGST).
हालांकि अब कोई भी 100 रुपए तक होता नहीं. मल्टीप्लेक्स में जाकर मूवी देखने में टिकट का बेस प्राइस करीब 200 रुपए ही होता है. तब जीएसटी 18 फीसदी हो जाता है. यानि 09 फीसदी हिस्सा केंद्र का और 09 फीसदी राज्य का. हालांकि जीएसटी का नया प्रावधान लागू होने से पहले सिनेमा टिकटों पर 28 फीसदी जीएसटी लगता था जो अब उसकी तुलना में काफी कम हो गया है.
सवाल – मूवी के टैक्स फ्री होने का मतलब क्या होता है?
– आमतौर पर जीएसटी में जो केंद्र का हिस्सा होता है, वो शायद ही कभी केंद्र द्वारा माफ किया जाता रहा है लेकिन राज्य इसमें अपने टैक्स यानि जीएसटी को माफ कर देते हैं. ऐसी स्थिति में टिकट की कीमत सस्ती हो जाती है. अब टिकट के बेसप्राइस में केवल केंद्र का जीएसटी लगता है. अगर मानिए कि टिकट की बेस प्राइस 200 रुपए है तो इस पर 18 फीसदी के हिसाब से कुल जीएसटी लगेगी 72 रुपए. इसमें 36 रुपए की जीएसटी केंद्र के पास जाएगी और 36 रुपए एसटीएसटी के रूप में राज्य के पास.
जब राज्य कोई फिल्म टैक्स फ्री करते हैं तो इसका मतलब ये होता है कि वो अपने हिस्से की जीएसटी को नहीं लेते. फिल्म से यही हिस्सा कम हो जाता है.
सवाल – फिल्म टैक्स फ्री होने से दर्शकों को क्या फायदा होता है?
– जब कोई राज्य सरकार अपने यहां किसी फिल्म को टैक्स फ्री करती है तो उसमें उसके हिस्से की जीएसटी लागू नहीं होती तो उसका दाम कम हो जाता है तो दर्शकों को ये सस्ता पड़ता है.
सवाल – क्या इससे फिल्म के प्रोड्यूसर्स को भी कोई फायदा होता है?
– प्रत्यक्ष तौर पर कोई फायदा नहीं होता लेकिन अगर टैक्स फ्री होने से ज्यादा दर्शक आने लगते हैं तो फिल्म ज्यादा कमाई करती है. ये स्थिति हमेशा फिल्म प्रोड्यूसर के लिए फायदेमंद होती है. टैक्स फ्री करने से दर्शकों के बीच एक अलग तरह का संदेश भी जाता है और ऐसी स्थिति में फिल्म को थिएटर में देखने वाले दर्शक बढ़ते ही हैं.
सवाल – कई बार टैक्स फ्री होने के बाद भी मूवी टिकट उतने सस्ते नहीं हो पाते, जितनी अपेक्षा होती है?
– इसकी वजह ये होती है कि जब राज्य किसी फिल्म को टैक्स फ्री करके अपने हिस्से का टैक्स नहीं लेती, उसके बाद ऐसी हालत में थिएटर मालिक हाल की एडमिशन फीस बढ़ा देते हैं. तो टिकट जितना सस्ता मिलना चाहिए, उतना सस्ता नहीं मिल पाता.
सवाल – किसी फिल्म को टैक्स फ्री करने के क्या मापदंड होते हैं?
– हकीकत ये है कि इसके असल में कोई मापदंड नहीं होते, ये कई बार राज्य सरकार की नीतियों और राज्य की सत्ता पर काबिज सियासी दल की पसंद पर भी निर्भर करता है. हालांकि माना जाता है कि ज्वलंत मुद्दों, सामाजिक मुद्दों, देश के सामने चुनौती बने मुद्दों और सामाजिक विषयों या देशभक्ति से जुड़ी फिल्मों को टैक्स फ्री करने का रिवाज रहा है. इसमें कई बार प्रेरणा देने वाली फिल्में भी शामिल होती हैं.
सवाल – हालिया टैक्स फ्री फिल्में कौन सी हैं?
– हाल के बरसों में जो फिल्में राज्यों द्वारा टैक्स फ्री की गई हैं वो हैं – द कश्मीर फाइल्स, उरी, तान्हाजी, छपाक, पैडमैन, टॉयलेट – एक प्रेम कथा, हिंदी मीडियम, सचिन – ए बिलियन ड्रीम्स, दंगल, नीरजा, सरबजीता, नील बटे सन्नाटा, एयरलिफ्ट, बाजीराव मस्तानी, मांझी – द माउंटेनमैन और मेरी कोम. रिचर्ड एटनबरो की “गांधी” अकेली ऐसी मूवी है जिसको केंद्र और राज्यों दोनों ने टैक्स फ्री कर दिया था. ये सभी फिल्में सामाजिक मुद्दों पर जागरुकता पैदा करने से लेकर प्रेरणा देने वाले विषयों पर बनी थीं.
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FIRST PUBLISHED : May 09, 2023, 14:06 IST








