आम की मिठास में आई कमी! यहां पकने से पहले ही पेड़ से गिर गए आम, किसानों और व्यापारियों में छाई मायूसी

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रवि पायक/ भीलवाड़ा. राजस्थान प्रदेश सहित भीलवाड़ा जिले भर में आए मौसम में बदलाव ने न केवल किसानों को चिंता में डाला है बल्कि फलों के व्यापारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें ला दी हैं. कुछ दिनों से लगातार हो रही बेमौसम बरसात ने फलों के राजा आम की मिठास को कम कर दिया है. मौसम में आए बदलाव से सब्जी औऱ फल पर इसका असर दिख रहा हैं जिसके चलते फलों के राजा आम की तो बेमौसम बारिश ने दशा ही बिगाड़ दी है.

आपके शहर से (भीलवाड़ा)

भीलवाड़ा की महात्मा ज्योतिबा फुले कृषि उपज मंडी के थोक फल विक्रेता ओम प्रकाश कहते है कि आमों की आवक भीलवाड़ा जिले की सबसे बड़ी फल मंडी में मांग के कारण नहीं वरन बारिश की मार से बढ़ी है. आम उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश और अंधड से आम तो पकने से पहले ही नीचे गिर गए हैं. यहां खराब होने की आशंका में व्यापारियों ने उसे तोड़ लिया है. ऐसे में आम में मिठास नहीं बढ़ सकी है. हालांकि आम की कीमतों में भी काफी कमी आई हैं हापुस व केसर आम अब गिफ्ट पैकिंग में भी आ रहे है. दरअसलतेलंगाना व आंध्रप्रदेश में भी मौसम की बदले मिजाज के चलते समय से पहले आम पेड़ो से निचे गिरे आमों की आवक जिले की फल मंडी में अचानक बढ़ गई है. मांग से अधिक आम की आवक होने लगी है. लेकिन आम की विभिन्न प्रजातियों में मिठास कम है तो ग्रोथ भी उतनी अच्छी नहीं रही.

जानें कहा से आ रहा है कितना आम
भीलवाड़ा जिले में फलों के राजा आम की सर्वाधिक आवक महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना व आंध्रप्रदेश से हो रही है आंध्र प्रदेश औरतेलांगना से बादाम प्रजाति के आम की रोजाना 8 के बजाए अब 10 ट्रक आ रहे है. तोतापुरी आम की आवक तेलांगना से 5 टन से बढ़ कर प्रति दिन 7 टन तक पहुंच गई है. इसी प्रकार केसर आम की आवक भी गुजरात से 5 टन से बढ़ कर 10 टन तक प्रति दिन हो गई है. आमों के सरताज हापुस की आवक भी रत्नागिरी से रोजाना 1 से बढ़ कर 2 टन हो गई है.

Tags: Bhilwara news, Rajasthan news

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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