Wrestlers Protest: पहलवानों के विरोध का आज 16वां दिन, जंतर-मंतर पर किसान नेताओं ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़े, देशव्यापी आंदोलन का ऐलान

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हाइलाइट्स

जंतर मंतर पर पहुंचे किसान यूनियन के नेताओं ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़े.
एसकेएम का 11 से 18 मई के दौरान पहलवानों के समर्थन देशव्यापी आंदोलन का फैसला.
किसान नेताओं ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

सुमेधा कीर्ति
नई दिल्ली.
पहलवानों के विरोध (Wrestlers Protest) के सोलहवें दिन दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचे किसान यूनियन के नेताओं ने सोमवार को पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ दिए. विशेष रूप से पंजाब के किसान नेताओं ने नारेबाजी की और यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर डब्ल्यूएफआई प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. जबकि बृजभूषण शरण ने एक दिन पहले किसान नेताओं से पहलवानों के विरोध का समर्थन करने की ‘गलती’ नहीं करने और इसके बजाय जांच के नतीजे का इंतजार करने का आग्रह किया था. कैसरगंज के भाजपा सांसद सिंह ने फिर से दावा किया कि वह निर्दोष हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने पहलवानों के लिए चयन प्रक्रिया में कई सुधार किए थे.

किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शनिवार को घोषणा की थी कि वह पहलवानों के समर्थन में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा और बृजभूषण शरण सिंह की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी. इसके बाद डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अपनी सफाई दी थी. शनिवार रात फेसबुक पर पोस्ट किए गए 25 मिनट के वीडियो में सिंह ने कहा कि ‘चाचा-ताऊ (चाचा) मैं यह नहीं कह रहा हूं कि आपको दिल्ली नहीं आना चाहिए. आप दिल्ली आ सकते हैं और जो चाहें कर सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि ‘मैंने पहले दिन से ही कहा था कि अगर मेरे खिलाफ आरोप साबित हुए तो मैं फांसी लगा लूंगा.’

Tags: Brij Bhushan Sharan Singh, Sexual Harassment, Wfi, Wrestler

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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