OMG! छत्तीसगढ़ के इस गांव में शाम होते ही महिलाएं बन जाती हैं ‘कमांडो’, वजह हैरान कर देगी

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रामकुमार नायक/महासमुंद. जिले के अंतिम छोर पर सुदूरवर्ती वनांचल आदिवासी बाहुल्य ग्राम पंचायत पझरापाली में महिलाओं की अनोखी पहल सामने सामने आई है. गांव में आए दिन बेवजह गाली गलौज, झगड़ा, मनमुटाव, रंजिश, मारपीट, पारिवारिक कलह जैसी वारदातें बढ़ रही थीं. गांव की मातृ शक्तियों ने श्री श्री आदिशक्ति जय बूढ़ादेव नशा मुक्ति अभियान समिति का गठन कर ग्राम में शांति सुरक्षा परिवार व समाज उत्थान विकास में बाधक अवैध शराब बनाए जाने पर रोक लगाने की ठान ली.

अध्यक्ष सरस्वती गढ़तिया ने बताया कि कोई भी सरकार नशा शराब की बुराई से हमें नहीं बचा सकती. इसके लिए मातृ शक्तियों को ही आत्मनिर्भरता के साथ एक कदम उठाने होंगे. इस विचार क्रांति को लेकर संगठित महिलाओं ने ग्राम में अवैध शराब धंधा करने वालों के ठेला गुमटियों को ध्वस्त किया और प्रतिदिन शाम होते ही ग्राम की हर घर की महिलाएं टोलियां बनाकर अपने हाथों में टार्च, डंडा और सीटियां बजाती हुईं सक्रिय प्रहरी महिला कमांडो का जिम्मा स्वयं उठाती हैं.

महिलाओं की पहल रंग लाने लगी
संरक्षक रुक्मणी नाग ने बताया कि हमारे द्वारा ग्राम में लगातार सक्रियता पूर्वक शराब बिक्री छापामारी निगरानी की ड्यूटी करने से विगत तीन माह में ग्राम के पीड़ित परिवारों में आंशिक परिवर्तन शांति, सौहार्द्र शिष्टाचार, संस्कार, मान-सम्मान, वैचारिक आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होने लगे हैं. नशामुक्ति अभियान समिति गठन से ही ग्राम में आत्मनिर्भर, शिक्षा में गुणवत्ता, भाईचारे, परोपकार की संभावना है. यहां किसी भी सामाजिक मांगलिक कार्य शादी विभिन्न पार्टी समारोह आयोजनों में शराब पीना, पिलाना परोसना भी महिलाओं ने प्रतिबंध की हुई हैं.

इनके विचारधाराओं से प्रभावित हैं महिलाएं
महिलाएं अपना प्रेरणास्रोत देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, छत्तीसगढ़ की पूर्व महामहिम राज्यपाल अनुसुइया उइके, वर्तमान बसना थाना प्रभारी कुमारी चंद्राकर और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना संगठन के विचारधाराओं के प्रभाव को मानती हैं. इस अभियान में महिलाओं के इस प्रशंसनीय कार्य में पुरुष वर्ग का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है.

Tags: Chhattisgarh news, Mahasamund News, Women Empowerment

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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