
आशीष कुमार/पश्चिम चम्पारण.जैसे पारिवारिक जीवन में वास्तु शास्त्र का बेहद प्रभाव होता है, ठीक वैसे ही वास्तु शास्त्र में दिशाओं का खास महत्व होता है. इन दिशाओं में रखी गई वस्तुएं हमारे जीवन पर नकारात्मक या सकारात्मक प्रभाव डालती हैं. कई बार इन नकारात्मक ऊर्जा का असर हम पर मानसिक तौर पर पड़ता है. इस वजह से स्वभाव में चिड़चिड़ापन, काम में मन नहीं लगना तथा उग्रता आने लगती है. इसका सीधा असर आपके परिवार पर पड़ता है. अकसर घरों में कलेश, मनमुटाव, तथा उथल पुथल मची ही रहती है. ऐसे में आप घर में रखी वस्तुओं की दिशा में परिवर्तन कर या कुछ साधारण से तरीके अपना कर नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा पा सकते हैं.
संस्कृत के पूर्व आचार्य एवं पंडित डॉ. शत्रुघ्न द्विवेदी बताते हैं कि हमारे जीवन पर वास्तु शास्त्र का अहम प्रभाव पड़ता है. ऐसे में लोगों को इसे नजरंदाज नहीं करना चाहिए. नए घर बनाने से लेकर पुराने घरों को व्यवस्थित करने तक में वास्तु शास्त्र का सहारा जरूर लेना चाहिए. आचार्य द्विवेदी बताते हैं कि घर बनवाते समय पूजा घर को ईशान कोण पर, भोजनालय को अग्नि कोण पर, शौचालय को नैऋत्य कोण पर तथा वाहन इत्यादि को वाहब्य कोण पर स्थापित करना चाहिए.
इन दिशाओं का रखें ध्यान
आचार्य द्विवेदी बताते हैं कि घर के मुखिया का कमरा हमेशा नैऋत्य कोण अर्थात दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए. ऐसा ना करने से उनका मानसिक तनाव बढ़ता है. साथ ही सोते समय पश्चिम दिशा में पैर और उत्तर दिशा में सिर नहीं होना चाहिए, इससे भी मानसिक तनाव बढ़ता है. इसके अलावा बच्चों के पढ़ने के लिए कमरा पश्चिम दिशा में होना चाहिए, जिससे पढ़ते वक्त उनका मुख पूरब या उत्तर दिशा की तरफ रहे. घरों में पानी के स्रोत जैसे चापाकाल या पानी के टैंक इत्यादि को कभी भी दक्षिण दिशा की तरफ नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से घर की स्त्रियों को कष्ट होता है.इसे आप दक्षिण के अलावा अन्य किसी भी दिशा में रख सकते हैं.
इन वास्तु टिप्स का रखें ध्यान
आचार्य द्विवेदी बताते हैं कि बने बनाए घरों में जहां वास्तु शास्त्र की सहायता न ली गई हो, आप इन टिप्स को फॉलो कर नकारात्मक ऊर्जा, पारिवारिक कलेश, दरिद्रता तथा अन्य नकारात्मक चीजों से छुटकारा पा सकते हैं. छोटे से पीतल या तांबे के बर्तन में पानी भरकर उसमें चावल तथा फूल डाल कर बर्तन पर हल्का अबीर या चंदन लगा कर घर के मुख्य दरवाजे पर रखने से घर में शांति बनी रहती है तथा नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है. ठीक उसी प्रकार बेड के नीचे एक छोटी से कटोरी में सफेद नमक या चीनी भरकर रखने से सभी सदयों का मन शांत रहता है, जिससे परिवार में कलेश नहीं होता है. इसके अलावा घर के मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ भगवान गणेश की छोटी प्रतिमा या तस्वीर लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह नहीं होता है.
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FIRST PUBLISHED : May 06, 2023, 17:20 IST








