कौशांबी। जिला मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे मूक-बधिर लोगों से कथित तौर पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है।आरोप है कि कार्यालय में तैनात एक बाबू ने दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर प्रति व्यक्ति 2-2 हजार रुपये की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि रिश्वत की रकम नहीं देने पर उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। मूक-बधिर पीड़ितों ने मामले को लेकर शासन से मदद और कार्रवाई की गुहार लगाई है।

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र उनके लिए सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन कथित रिश्वतखोरी के चलते उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले की जांच कर आरोपों की सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं।









