दारानगर कड़ा धाम नगर पंचायत में भ्रष्टाचार और हस्तक्षेप का आरोप, सभासदों ने जिलाधिकारी से की शिकायत

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*निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता, एक लाख से नीचे के भुगतानों में गड़बड़ी, सफाई व्यवस्था चरमराने और धमकियों तक का आरोप—स्वतंत्र जांच की मांग तेज

 

*कौशाम्बी- नगर पंचायत दारानगर कड़ा धाम में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर सोमवार को नगर पंचायत के सभासदों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि नगर पंचायत में हो रहे अधिकांश निर्माण कार्यों की गुणवत्ता व मानक की अनदेखी की जा रही है । जिससे कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं।सभासदों ने बताया कि कार्यस्थलों पर पारदर्शिता की कमी और मानकों की अनदेखी आम हो चुकी है। सबसे बड़ी समस्या अध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा नगर पंचायत के रोजमर्रा के कार्यों में अत्यधिक और अनावश्यक हस्तक्षेप को बताया गया, जिससे सामूहिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।सभासदों ने आरोप लगाया कि प्रत्येक बैठक में अध्यक्ष प्रतिनिधि की उपस्थिति अनावश्यक रूप से बनी रहती है, जिससे सभासदों की स्वतंत्र अभिव्यक्ति प्रभावित होती है। नगर पंचायत के लगभग सभी कार्यों में स्वयं हस्तक्षेप करने के कारण निर्णय प्रक्रिया में भ्रम व पक्षपात की स्थिति निर्मित हो रही है।सभासदों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि कई सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए बोर्डों और अभिलेखों में अध्यक्ष के वास्तविक नाम की जगह अध्यक्ष प्रतिनिधि का नाम दर्ज कराया जा रहा है, जिससे जनमानस में भ्रम उत्पन्न हो रहा है और शासन प्रशासन की पारदर्शिता पर गहरा सवाल उठ रहा है।सभासदों का कहना है कि इन मुद्दों को कई बार बैठक में उठाया गया, लेकिन न तो कोई स्पष्ट जवाब मिला और न ही किसी प्रकार की सुधारात्मक कार्रवाई। इस स्थिति से नगर पंचायत की गरिमा और जनता का विश्वास लगातार प्रभावित हो रहा है। सभासदों ने जिलाधिकारी से मांग की कि जांच किसी स्वतंत्र अधिकारी से कराई जाए, ताकि सत्य सामने आ सके और अनियमितताएं प्रमाणित होने पर कार्रवाई हो सके।सभासद राम भोले ने बताया कि नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की सूची बार-बार मांगी गई, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई। भुगतान की अनियमितताएं भी लगातार दो वर्षों से जारी हैं, विशेषकर एक लाख रुपये से नीचे के भुगतानों में दो फर्मों का बार-बार उपयोग संदेह पैदा करता है।सभासद दुर्गेश मौर्य ने पत्रकारों को बताया कि “नगर में सही काम नहीं हो रहा। जब हम विरोध करते हैं तो हमें धमकाया जाता है। अध्यक्ष के गुर्गों द्वारा एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फँसाने की धमकियाँ तक दी जातीहैं। हम विकास के पक्ष में हैं, लेकिन डराने-धमकाने की राजनीति स्वीकार नहीं करेंगे। इस अवसर पर कई सभासद मौजूद रहे,

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Author: Up Head Line

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