कौशांबी में पीडीएम ने भी ठोंकी ताल, जिला पंचायत सदस्य को बना दिया प्रत्याशी
वार्ड नंबर 16 के सदस्य हैं नरेंद्र सरोज
प्रमुख प्रतिद्वंदी के मुकाबले हासिल किया था दोगुना वोट
हिमांशु भट्ट : कौशांबी।
कौशांबी संसदीय सीट पर पीडीएम (पिछड़ा, दलित, मुस्लिम) गठबंधन ने भी ताल ठोक दी है। पीडीएम ने यहां जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र सरोज को मैदान में उतारा है। खुद का चुनाव प्रमुख प्रतिद्वंदी के मुकाबले दोगुनी वोट से जीतने वाले नरेंद्र खासकर अपनी पासी बिरादरी में अच्छी पकड़ रखते हैं। ऐसे में राजनीति के जानकर इसे सपा के लिए खतरे की घंटी बता रहे हैं।
कौशांबी में भाजपा ने मौजूदा सांसद विनोद सोनकर तो सपा गठबंधन ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बेटे पुष्पेंद्र सरोज पर दांव लगाया है। वहीं, बसपा ने शुभ नारायण गौतम को मैदान में उतारा है। तीनों प्रमुख दलों का प्रत्याशी तय होने के बाद सभी की निगाहें पीडीएम पर लगी हुई थीं। यहां पीडीएम पर खास फोकस इसलिए क्योंकि, पीडीएम की संस्थापक डॉ. पल्लवी पटेल यहीं कि सिराथू सीट से विधायक हैं। बहरहाल, लंबी जद्दोजहद के बाद अब पीडीएम ने भी अपना पत्ता खोल दिया है। पीडीएम ने वार्ड नंबर 16 के जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र सरोज को मैदान में उतारा है। उनके नाम की घोषणा होने के बाद सबसे ज्यादा धड़कन सपा प्रत्याशी की बढ़ी हुई है।
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दोगुने मतों से जीते थे नरेंद्र, पुष्पेंद्र को इसलिए है खतरा
जिला पंचायत के वार्ड नंबर 16 में लगभग 45 हजार वोटर हैं। अब बात पिछले जिपं चुनाव की करें तो पीडीएम प्रत्याशी बनाए गए नरेंद्र सरोज इस वार्ड में 3216 मत पाकर विजई हुए थे। उनके प्रमुख प्रतिद्वंदी सपा के मकसूद अहमद को लगभग 1650 वोट मिले थे। इस वार्ड में सरोज बिरादरी का तकरीबन 22 हजार वोट है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि नरेंद्र की सरोज बिरादरी में अच्छी पैठ है। सपा के पुष्पेंद्र भी सरोज ही हैं। इसलिए, नरेंद्र अगर सरोज बिरादरी का वोट काटेंगे तो इसका सीधा नुकसान पुष्पेंद्र को ही होगा। कुछ लोगों का यह भी कहना हो सकता है कि 22 हजार वोट है तो नरेंद्र को सरोज बिरादरी का इतना कम वोट क्यों मिला? जवाब साफ है कि जिला पंचायत चुनाव में इस बिरादरी के कई प्रत्याशी थे।
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साथियों संग पिछड़े और मुस्लिम का भी तो मिलेगा वोट
सियासी पंडितों का कहना है कि नरेंद्र सरोज दलित वोट पर कुछ न कुछ सेंधमारी करेंगे। पीडीएम की प्रमुख नेता डॉ. पल्लवी पटेल की वजह से उन्हें पिछड़ों की वोट भी मिलेगी। खासकर सिराथू में मतलब भर का मत मिल जाएगा। पीडीएम के प्रचार को असदुद्दीन ओवैसी आए तो मुस्लिम वोट का मिलना भी बड़ी बात नहीं होगी। वहीं, दूसरी तरफ साथी जिला पंचायत सदस्य कुछ बहुत मदद जरूर करेंगे। कुल मिलाकर नरेंद्र जितने मजबूत होंगे उतना ही नुकसान यहां सपा को होगा। हालांकि, कुछ बहुत नुकसान इसका भाजपा को भी होगा।
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स्नातक हैं और हासिल किया था 14.74% वोट
जिला पंचायत सदस्य और पीडीएम प्रत्याशी नरेंद्र सरोज ने स्नातक तक पढ़ाई की है। वह करारी क्षेत्र के ताहिलपुर गांव निवासी हैं। जिपं चुनाव में उनको 14.74% वोट मिला था। उनकी माता गांव की प्रधान भी हैं। लिहाजा साफ है कि ठीक ठाक वोट पर कब्जा है।
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तृतीय सूची में चार प्रत्याशी
पीडीएम ने शुक्रवार देर शाम अपनी तीसरी सूची जारी की। इसमें कौशांबी (सु.) से नरेंद्र कुमार सरोज, प्रतापगढ़ से डॉ. ऋषि पटेल, लखनऊ से ममता कश्यप और मिर्जापुर से दौलत सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया गया है।









