आठ साल के जुल्फेकार हैदर ने रखा पहला रोजा, देश की खुशहाली के लिए मांगी दुआ

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आठ साल के जुल्फेकार हैदर ने रखा पहला रोजा, देश की खुशहाली के लिए मांगी दुआ

रिपोर्ट: शब्बर अली 

रमजान के पवित्र माह में जहां छोटे-बड़े बु

जुर्ग और मुस्लिम महिलाएं रोजा रखकर खुदा की इबादत कर रहे हैं। ऐसे में मासूम बच्चे भी जब उन्हें देखते हैं तो उनसे प्रेरित हो ही जाते हैं। पूरामुफ्ती थाने के मनौरी गांव निवासी आठ वर्षीय मासूम जुल्फेकार हैदर ने भी रोजा रखकर खुदा की इबादत की। मां सानिया हैदर ने बताया कि जुल्फेकार अपने दादा आफताब हैदर की दीनी बातों से प्रभावित है। जुल्फेकार ने रविवार को पहला रोजा करीब साढ़े तेरह घंटों का रखकर खुदा की इबादत की।

मनौरी गांव के आठ वर्षीय जुल्फेकार पुत्र एजाज हैदर ने बताया कि उसने पहली बार रोजा रखा है। पिछले कई महीने से रमजान के मुबारक महीने का इंतजार कर रहे थे। पहला रोजा रखकर अल्लाह से खुदा की खुशनूदी हासिल करने के लिए भूख और प्यास को बर्दाश्त करना बड़ी बात नहीं है। रोजा रखने पर मां ने उनके खाने के लिए कई पकवान बनाए। शाम को पूरे परिवार के साथ अल्लाह की इबादत करने के बाद रोजा खोला। जुल्फेकार ने अल्लाह से दुआ मांगी कि उसे पढ़ने-लिखने में जेहन दे और नेक बनाएं। साथ ही मुल्क मे अमन व शांति कायम होने की भी दुआ मांगी। उसने कहा कि रोजा का मकसद है कि मेरा अल्लाह मुझसे राजी हो। जुल्फेकार के अनुसार उन्हें रोजा रखकर बहुत अच्छा लग रहा है। आगे भी वह रोजा रखेंगे और अल्लाह से देश में अमन चैन की दुआ मागेंगे। मुस्लिम समाज में इस तरह से कई मासूम बच्चे और बच्चियां हर साल रोजा रखते हैं।

Up Head Line
Author: Up Head Line

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