कौशांबी
संदीपन घाट थाना क्षेत्र के उजिहिनी खालसा गाव मे मोबाइल टावर चोरी के मामले मे नया मोड सामने आया है। पुलिस की जांच मे मोबाइल टावर चोरी होने की घटना पूरी तरह से फर्जी निकली है। एसपी बृजेश श्रीवास्तव के मुताबिक, कंपनी ने जनवरी खुद टावर और उसका समान खुद खोल कर ले गए और फिर आनलाइन एक फर्जी एफ़आईआर कंपनी की तरफ से 31 मार्च को टावर चोरी होने की थाना पुलिस ने दर्ज कराई गई। पुलिस अब जीटीएल कंपनी के जिम्मेदारों के खिलाफ धारा 182 की कार्यवाही करने की तैयारी कर रही है।
मामला संदीपन घाट थाना क्षेत्र के उजिहिनी गाव मे लगे जीटीएल इंफ्राटेक्चर लिमिटेड कंपनी के मोबाइल टावर व उसके पूरे सेटअप चोरी होने का 28 नवंबर को सामने आया। जिसमे थाना पुलिस मे एक एफ़आईआर क्राइम नंबर 293/23 मे धारा 379 (चोरी) की दर्ज कराई गई। जिसमे जीटीएल कंपनी के टेक्नीसियन राजेश कुमार यादव पुत्र स्व भगवती दीन निवासी रस्तीपुर रानीगंज प्रतापगढ़ ने वादी मुक़द्दमा बनकर आनलाइन रिपोर्ट दर्ज की। प्रदेश पुलिस की वेब साइट पर टावर चोरी की एफ़आईआर दर्ज होने के बाद महकमे मे हड़कंप मच गया।
दर्ज रिपोर्ट की थाना पुलिस ने आनन फानन मे जांच शुरू की। पुलिस सबसे पहले घटना स्थल (जो एफ़आईआर मे प्रदर्शित) उजिहिनी गाव मे उबैद उल्ला पुत्र मजीद उल्ला के घर पहुची। थाना पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि जिस स्थान पर टावर व पूरा सेटअप लगाया गया था। वह मौके पर नहीं था। जमीन के मालिक उबैद उल्ला ने पुलिस पूंछ-तांछ मे पुलिस को बताया कि टावर लगाने वाली कंपनी ने 2010 में जमीन मालिक उबैदुल्लाह के साथ 10 साल का कांटेक्ट साइन करने के बाद टावर लगवाया था। 10 साल पूरे हो जाने के बाद कंपनी पहले से कम रेट देकर टावर उसी स्थान पर लगे रहना देना चाहती थी, लेकिन जमीन मालिक ने इस बात से इनकार कर दिया और किराए की धनराशि बढ़ाने की बात कही। इसके बाद कंपनी के कर्मचारियों ने जनवरी 2023 में लिखा पड़ी कर टावर वहां से खुलवा लिया। जिसकी पूरे रसीद भी उन्होने पुलिस को दिखाई।
एसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया, प्रकरण थाना संदीपन घाट का है। यहां एक कंपनी जिसे अपना टावर लगा रखा था। उसका जो ओनर है और लैंड का जो मालिक था इनके बीच डिस्ट्रीब्यूशन होने की वजह से जनवरी 2023 मे रिसीविंग करते हुए टावर व अपने सभी सामान ले गए थे और उसके बाद ऑनलाइन एक एफआईआर दर्ज कराया। जिसमें मार्च 2023 की घटना दिखाया गया है। यह घटना पूरी तरीके से झूठी है। इस पूरे मामले में जो विधि करवाई है और गैंग में जो भी लोग सम्मिलित हैं उनको चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। टावर कंपनी का कहना है कि उनका पूरा टावर चला गया है और यह मार्च 2023 की घटना है। इसीलिए उन्होंने ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराया थाने में नहीं आए। यह पूरी रिसीविंग मिल गई है। इसमें विवेचना करके जो भी सही तथ्य हैं। उन्हें सामने लाया जाएगा। आगे जिन लोगों ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई है उनके खिलाफ 182 की कार्रवाई की जाएगी।
क्या दर्ज कराई थी शिकायत
प्रतापगढ़ जनपद के रानीगंज थाना के रस्तीपुर के रहने वाले राजेश यादव पुत्र स्व भगवती दीन यादव GTL इंफ्रास्टेक्चर लिमिटेड कंपनी मे बतौर टेक्निसियन तैनात है। कंपनी के मुताबिक उनके टेक्नीशियन राजेश यादव ने 31 मार्च 2023 को विजिट किया तो जिस जमीन पर लगा था वहां से टावर का पूरा स्टैक्चर व सेटअप गायब मिला। जमीन के मालिक से पूंछ-तंछ करने पर उन्होने मामले में जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। जिसके बाद कंपनी के इंजीनियर ने चोरी की घटना सामने आने के 9 महीने बाद 28 नवम्बर को अज्ञात चोरों के खिलाफ ऑनलाइन मुकदमा दर्ज कराया। बताया जा रहा है कि इस कंपनी के कौशाम्बी जिले के अलग अलग क्षेत्र मे दर्जन भर से अधिक टावर लगाए थे। जिसमें से एक पूरा टावर को ही चोरों ने गायब कर दिया।








