कौशांबी
बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया 12 वफात का पर्व
अलग-अलग गांव से जुलूस निकाला गया था। अपने कदीमी रास्ते से होते हुए देवीगंज चौराहा पर पहुंचा देवीगंज चौराहे पर सभी जुलूस एक साथ एकत्रित होकर अपने कदमी रास्ते से होते हुए लेहदरी रोड मदरसा पर आकर समाप्त हुआ।
सबसे पहले इस्माइलपुर का जुलूस देवीगंज चौराहे पर पहुंचा था जुलूस में मौलाना गुफरान तकरीर कर रहे थे नाथ पढ़ रहे थे नात पढ़ते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ते जा रहे थे और साथ ही नारे भी लगाए जा रहे थे। जाफ़रपुर, मीरापुर,कमालपुर,इस्माईलपुर, गिरधर पुर गढ़ी, सौराई बुजुर्ग,बगबंशी,औरेनी का जुलूस देवीगंज पहुँचा था। और हुजूर की शान में नात पढ़ते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतेजामत किए गए थे रोड को डायवर्ट किया गया था की जुलूस में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो कड़ा धाम कोतवाली के आशुतोष सिंह द्वारा बड़ी जिम्मेदारी के साथ जुलूस को शांति के साथ समाप्त करवाया। इस मौके पर मौलाना गुफरान ,मोमिन अंसारी,रिशू खान,जुबैर खान,अजीजुल हसन,हाफिज सफीक अहमद, राहत खान,हाजी अच्छन सहित तमाम लोग जुलूस में शामिल हुए और बड़े ही शांति के साथ जुलूस को निकलवाने में कामयाब रहे।
साबिर बाबा की तरफ से देवीगंज चौराहे पर पानी पीने के इंतजाम भी किया गया था पानी के साथ-साथ जलेबी और लड्डू खिलाकर लोगों को पानी पिलाने का काम किया गया है।
वही कमालपुर गांव में राहत खान हाफिज द्वारा शरबत का इंतजाम किया गया था जो भी लोग जुलूस में शामिल हुए या आने जाने वाले राजगीर से उन सभी लोगों को शरबत पिलाने का काम किया गया





