कौशांबी
जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों के बीच दिन ब दिन खांई गहरी होती जा रही है। जिला पंचायत सदस्य शायमा सरोज के पति जीतेंद्र सरोज ने अध्यक्ष के पति से जानमाल का खतरा बताते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाई है। इसके अलावा डीजीपी व शासन के अन्य अधिकारियों को भी शिकायती पत्र भेजा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर के खिलाफ मिनी सदन के 18 सदस्यों ने 25 जुलाई को अविश्वास पेश किया था। दो अगस्त को डीएम सुजीत कुमार ने हस्ताक्षर मिलान कराने के बाद फ्लोर टेस्ट के लिए 19 अगस्त की तारीख तय कर दी थी। वार्ड नंबर-26 की सदस्य शायमा देवी के पति जितेंद्र सरोज का कहना है कि फ्लोर टेस्ट से पहले ही अध्यक्ष पति ने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कई सदस्यों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। उनका घर तक गिरवा दिया गया। जबकि, घर पैतृक था और उसमें पांच भाइयों का हिस्सा था। मकान के संबंध में मुकदमा भी डीएम-एसडीएम की कोर्ट में चल रहा है। सदस्य पति के मुताबिक अध्यक्ष के पति लगातार धमकी दे रहे हैं। कह रहे हैं कि अभी मकान ही गिरवाया गया है। आगे ऐसा किया जाएगा कि कोई सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं करेगा। डीजीपी, प्रधानमंत्री, सीजेआई, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग आदि को भेजे गए पत्र में सदस्य पति ने लिखा है कि यदि उनके या फिर परिवार के सदस्यों के साथ कोई घटना होती है तो इसकी जिम्मेदार जिला पंचायत अध्यक्ष व उनके पति होंगे।








