कौशांबी…600 कावरियो का जत्था कौशांबी ने बैजनाथ धाम के लिए रवाना:कस्बाई लोगो ने पुष्प देकर किया विदा, सुल्तानगंज से 105 किलोमीटर पैदल चल अर्पित करेगे बाबा बैजनाथ को जल
कौशांबी। सावन के पावन पर्व में शिव भक्तों को टोली उनके दर्शन पूजन के लिए घर से बाहर निकल चुकी है। बुधवार को मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र के 600 के करीब शिव भक्त कावर लेकर बाबा बैथनाथ को जल चढ़ाने निकले है। शिव भक्तों को टोली में 10 के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक शामिल है। नगर के लोगो ने कावर यात्रा पर जाने वाले शिव भक्तों को फूल माला देकर विदाई दी। इस दौरान मंझनपुर चौराहे का माहौल शिव भक्ति में डूब गया। पुलिस ने शिव भक्तो को सुरक्षा देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
मंझनपुर नगर पालिका क्षेत्र के 600 से अधिक शिव भक्तो का बड़ा कारवा बाबा बैठनाथ के लिए रवाना हो चुका है। सुबह से ही मंझनपुर के प्राचीन दुर्गा मंदिर में शिव भक्त एकत्रित हुए। जहां से करीब 10 बजे शिव भक्त एक साथ मंझनपुर में प्रमुख चौराहे पहुंचे। चौराहे पर शिव भक्ति के संगीत से सराबोर होकर शिव भक्त कावरिया एवम नगरवासी नाचते गाते दिखाई पड़े। हर हर महादेव कावरिया सेवा संघ के अध्यक्ष बाल गोविंद तिवारी ने बताया, उनके साथ इस वर्ष कस्बे से करीब 600 से अधिक लोगो का जत्था बाबा बैजनाथ धाम के लिए आज रवाना हो रहा है। जिसे विदाई देने पूरा कस्बे सड़क पर आया है। हम इससे बेहद खुश और आह्लादित है। मंझनपुर से वह बस के जरिए प्रयागराज पहुचेंगे। प्रयागराज से वह ट्रेन के जरिए सुल्तान गंज पहुचेंगे। सुल्तान गंज में गंगा स्नान पूजन कर कावर यात्रा की शुरुआत करेगे। उनके साथ 10 साल के बच्चे से लेकर 80 साल के बुजुर्ग तक कावर में शामिल है। जो कोई डाक बम, तड़क बम जिसकी जैसे मनोकामना हो वह उस तरह से कावर लेकर 105 किलोमीटर की यात्रा पैदल चल कर बाबा बैजनाथ के मंदिर में जल का अभिषेक करेगा।
बताया जाता है कि बाबा बैजनाथ की यह कावर यात्रा सबसे कठिन यात्रा कावर यात्रा के तौर पर देखी जाती है। जिसमे भक्त 105 किलो मीटर की यात्रा बिना कावर जमीन पर रखे लगातार पैदल चल कर जलाभिषेक करते है। बाल गोविंद तिवारी बताते है कि कठिन यात्रा होने के बाद भी भक्त शिव शंकर का नाम लेकर यात्रा को पूरी करते है। यह पूरी उतारा उनकी एक सप्ताह तक चलने वाली है।
मंझनपुर कस्बे से बड़ी संख्या में शिव भक्तो को विदाई देने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी चौराहे पर सुरक्षा के मद्देनजर मौजूद रहा।





