Wagner Group: रूस और यूक्रेन के बीच एक साल से ज्यादा समय से जारी युद्ध के बीच रूस की ही वैगनर सेना ने रूसी रक्षा मंत्रालय के खिलाफ बगावत का ऐलान कर दिया. वैगनर ग्रुप के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन ने रक्षा मंत्री को उखाड़ फेंकने के लिए रूसी सेना के मुख्यालय रोस्तोव ऑन डॉन पर कब्जे के बाद मास्को की तरफ अपने लड़ाकों के कूच की घोषणा कर दी. इस पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुस्सा हो गए और उन्होंने रूस को धोखा देने का आरोप लगाते हुए इस समूह को सजा देने का वादा किया. रूस के रक्षा मंत्रालय ने प्रिगोझिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया. बता दें कि रूस में हथियार बंद बगावत के आरोप में 20 साल की सजा का प्रावधान है.
रूस से टकराव के महज 36 घंटे के भीतर प्राइवेट आर्मी चलाने वाले प्रिगोझिन ने एक समझौते पर सहमति जता दी. समझौते के तहत प्रिगोझिन रूस छोड़कर बेलारूस चले जाएंगे. सहमति के बाद क्रेमलिन ने कहा है कि अब प्रिगोझिन पर कोई मुकदमा नहीं चलाया जाएगा. यही नहीं, उनके भाड़े के सैनिकों पर भी कोई केस नहीं होगा. साथ ही कहा कि अगर कुछ लोग नियमित रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहें तो अनुबंध पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. आखिर ये वैगनर ग्रुप क्या है, जिससे रक्षा मंत्री को उखाड़ फेंकने की धमकी देने के बाद भी रूस की सरकार ने समझौता कर लिया.
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क्या है रूस का वैगनर ग्रुप
रूस के साथ समझौते के बाद अब तक ये साफ नहीं हुआ है कि प्रिगोझिन भाड़े के सैनिकों के मुखिया प्रभारी बने रहेंगे या उन्हें हटा दिया जाएगा. बता दें कि वैगनर ग्रुप भाड़े के सैनिकों की एक प्राइवेट आर्मी है, जो रूसी सेना के साथ यूक्रेन के खिलाफ युद्ध लड़ रही थी. अनुमान लगाया जा रहा है कि हजारों वैगनर सैनिकों ने रूस की तरफ से युक्रेन के खिलाफ जंग में हिस्सा लिया. वैगनर ग्रुप खुद को निजी सैन्य कंपनी बताता है. वहीं, रूस की सरकार हाल में कुछ ऐसे कदम उठा रही थी, जिससे इस पर अंकुश रखा जा सके. ग्रुप की पहचान पहली बार 2014 में हुई थी. तब यह पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थक अलगाववादी ताकतों का समर्थन कर रहा था. उस समय यह एक गुप्त संगठन था, जो ज्यादातर अफ्रीका और मध्य पूर्व में सक्रिय था.

वैगनर समूह के मुखिया येवगेनी प्रेप्रेगोझिन की धमकी के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने समूह को सबक सिखाने की ठान ली.
ग्रुप ने 2022 में की खूब भर्तियां
वैगनर ग्रुप में अनुमान के मुताबिक करीब 5,000 भाड़े के सैनिक हैं. इनमें से ज्यादातर रूस की विशिष्ट रेजिमेंट और विशेष बलों से आए हैं. इनकी तादाद लगातार बढ़ती जा रही है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने जनवरी में कहा था कि वैगनर ग्रुप अब यूक्रेन में 50,000 सैनिकों की कमान संभाल रहा है. ब्रिटेन ने बताया कि रूस को सेना के लिए लोग ढूंढने में परेशानी होने के कारण वैगनर ग्रुप ने 2022 में बड़ी संख्या में भर्ती शुरू की थी. अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने 2023 की शुरुआत में कहा था कि यूक्रेन में वैगनर के लगभग 80 फीसदी सैनिकों को जेलों से हटा लिया गया है. रूस में भाड़े की सेना अवैध होने के कारण वैगनर ग्रुप ने 2022 में खुद को एक कंपनी के रूप में रजिस्टर किया. साथ ही सेंट पीटर्सबर्ग में एक नया मुख्यालय खोला.
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भाड़े के सैनिक या देशभक्त संगठन
रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट थिंक टैंक के डॉ. सैमुअल रमानी कहते हैं कि वैगनर ग्रुप रूस के शहरों में होर्डिंग पर भर्ती के खुलेआम विज्ञापन दे रहा है. यही नहीं, रूसी मीडिया इसे देशभक्त संगठन के रूप में स्थापित कर रही है. वैगनर ग्रुप रूस की ओर से पूर्वी यूक्रेन के बखमुत शहर पर कब्जा करने में शामिल था. यूक्रेनी सैनिकों का कहना है कि उसके लड़ाकों को खुले मैदान में बड़ी संख्या में हमले के लिए भेजा गया था. शुरुआत में रूस के रक्षा मंत्रालय ने जिक्र ही नहीं किया कि वैगनर ग्रुप भी यूक्रेन के खिलाफ जंग में शामिल है. बाद में मंत्रालय ने साहसी और निस्वार्थ भूमिका निभाने के लिए इन भाड़े के सैनिकों की खूब तारीफ की.
कैसे शुरू हुआ वैगनर ग्रुप
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चेचन्या में रूस के युद्धों के एक अनुभवी पूर्व रूसी सेना अधिकारी दिमित्री उत्किन भी वैगनर ग्रुप का हिस्सा रहे हैं. माना जाता है कि वह वैगनर के पहले फील्ड कमांडर थे. उन्होंने अपने रेडियो कॉल साइन के नाम पर इस समूह का नाम रखा था. वर्तमान प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन हैं, जो एक अमीर व्यवसायी हैं. उसे ‘पुतिन का शेफ’ भी कहा जाता है. दरअसल, वह एक समय तक क्रेमलिन में रसोइया का काम करता था. किंग्स कॉलेज लंदन में संघर्ष व सुरक्षा के प्रोफेसर ट्रेसी जर्मन ने बीबीसी को बताया कि वैगनर ग्रुप का पहला ऑपरेशन 2014 में रूस को क्रीमिया पर कब्जा करने में मदद करना था.
वैगनर ग्रुप का पहला ऑपरेशन 2014 में रूस को क्रीमिया पर कब्जा करने में मदद करना था.
रूस और वैगनर ऐसे भिड़े
प्रिगोझिन ने हाल के महीनों में कई बार रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और यूक्रेन में सेना के प्रमुख वालेरी गेरासिमोव पर अक्षमता व यूक्रेन में लड़ने वाली वैगनर यूनिट्स को जानबूझकर कम आपूर्ति करने का आरोप लगाया. इसके बाद रूसी रक्षा मंत्रालय ने वैगनर जैसी कंपनियों को जून 2023 के आखिर तक औपचारिक रूप से नियमित रूसी सेना में शामिल होने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का आदेश जारी कर दिया. घोषणा में वैगनर समूह का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन इस कदम को सरकार की ओर से ग्रुप पर ज्यादा नियंत्रण हासिल करने की कोशिश के तौर पर देखा गया. इसके बाद प्रिगोझिन ने घोषणा कर दी कि उनकी सेनाएं अनुबंधों का बहिष्कार करेंगी. यह टकराव 23 जून को चरम पर पहुंच गया.
फिर आया नाटकीय मोड़, और…
प्रिगोझिन ने शीर्ष रूसी रक्षा अधिकारियों पर यूक्रेन में वैगनर सैनिकों पर बमबारी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इस हमले में बड़ी संख्या में वैगनर लड़ाकों की मौत हुई. उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया, लेकिन एक दिन बाद उनके सैनिकों ने दक्षिणी रूसी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन में सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया. इसके बाद सैन्य नेतृत्व को हटाने के लिए मॉस्को की ओर रुख करने की धमकी दी. वैगनर आर्मी बिना किसी रुकावट के मास्को के करीब आ रही थी, क्योंकि राष्ट्रपति पुतिन ने राजधानी और दूसरी जगहों की सुरक्षा कड़ी करने का आदेश दिया था.
फिर हालात में नाटकीय मोड़ आया और प्रिगोझिन ने अपने लड़ाकों को वापस बुलाते हुए घोषणा कर दी कि वह बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको की मध्यस्थता के बाद रूस छोड़ने के लिए सहमत हैं. क्रेमलिन ने बाद में इस सौदे की पुष्टि की. इसमें वैगनर आर्मी के मुखिया और मॉस्को की ओर से विद्रोह कहे जाने वाली गतिविधियों में शामिल सैनिकों के खिलाफ मुकदमा चलाने को रोकने की प्रतिज्ञा शामिल थी.
कहां से पैसा कमाता है ग्रुप
वैगनर समूह के भाड़े के सैनिक 2015 से सीरिया में सक्रिय हैं. वे सरकार समर्थक बलों के साथ लड़ रहे हैं और तेल क्षेत्रों की रक्षा कर रहे हैं. लीबिया में वैगनर ग्रुप सक्रिय है, जो जनरल खलीफा हफ्तार के वफादार बलों का समर्थन करता है. सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक ने वैगनर ग्रुप को हीरे की खदानों की सुरक्षा के लिए बुलाया हुआ है. माना जाता है कि यह सूडान में सोने की खदानों की सुरक्षा भी करेगा. पश्चिम अफ़्रीका में माली की सरकार इस्लामिक आतंकवादी समूहों के ख़िलाफ वैगनर समूह का इस्तेमाल कर रही है. वैगनर ग्रुप इन सभी कामों से पैसा कमाता है. अमेरिकी ट्रेजरी का कहना है कि वह अपनी उपस्थिति का इस्तेमाल उन खनन कंपनियों को समृद्ध करने के लिए करता है, जिनके वे मालिक हैं.
वैगनर ग्रुप का मौजूदा मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन कभी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का रसोइया हुआ करता था.
वैगनर ग्रुप पर क्या हैं आरोप
एक पूर्व कमांडर ने वैगनर ग्रुप से निकलने के बाद जनवरी 2023 में नॉर्वे में शरण का दावा किया था. उसका दावा है कि उसने यूक्रेन में युद्ध अपराध देखे हैं. वैगनर ग्रुप के तीन भाड़े के सैनिकों पर यूक्रेनी अभियोजकों की ओर से नियमित रूसी सैनिकों के साथ अप्रैल 2022 में कीव के पास नागरिकों को मारने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है. जर्मन खुफिया का कहना है कि वैगनर के भाड़े के सैनिकों ने मार्च 2022 में बुचा में नागरिकों का नरसंहार भी किया है. संयुक्त राष्ट्र और फ्रांसीसी सरकार ने वैगनर सदस्यों पर मध्य अफ्रीकी गणराज्य में नागरिकों के खिलाफ बलात्कार और डकैती का आरोप लगाया है. अमेरिका की सेना ने वैगनर के भाड़े के सैनिकों पर 2020 में लीबिया की राजधानी त्रिपोली में बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 20:39 IST





