दुआ जी की अनोखी चाय; पीने के बाद कह नहीं पाएंगे…मजा नहीं आया! सिर्फ 10 रुपये है रेट  

आशीष शर्मा/यमुनानगर: यूं तो चाय के दीवाने पूरी दुनिया में मिल जाएंगे पर भारत की बात ही कुछ और है. यहां बस चाय पीने का बहाना चाहिए. जरा सी टेंशन है तो चाय, खुश हैं तो चाय, तबीयत ठीक नहीं तो चाय, यानी यहां हर मर्ज की दवा है चाय. यमुनानगर में भी आपको थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चाय की टपरी मिल जाएंगी. यहां चाय की टपरियां ही नहीं, बल्कि कॉफी हाउस की तर्ज पर टी-हाउस भी बड़ी संख्या में मिल जाएंगे.

लेकिन, यमुनानगर के दुआ जी की कुल्हड़ चाय की बात अलग है. दुआ जी की कुल्हड़ वाली चाय की खुशबू दूर-दूर तक फैली है. इनकी चाय का जायका कुछ ऐसा है कि अगर कोई एक बार चख ले तो दोबारा इनकी चाय पीए बिना जा नहीं पाता. दुआ जी अपनी चाय, कॉफी के लिए शुद्ध दूध का इस्तेमाल करते हैं. लोगों का कहना है कि जब तक वह दिन में एक बार दुआ जी के हाथ की बनी चाय नहीं पी लेते दिन पूरा नहीं होता.

स्पेशल कुल्हड़ वाली चाय
दुआ जी 20 सालों से यमुनानगर के मॉडल टाउन में कुल्हड़ वाली चाय बेच रहे हैं. चाय हो या कॉफी शुद्धता और गुणवत्ता उनकी प्राथमिकता रहती है. मिट्टी के कुल्हड़ में चाय, कॉफी देने के पीछे उनका मकसद लोगों को देश की संस्कृति से जोड़े रखना है. इतना ही नहीं, दुआ जी कुल्हड़ भी अपनी आंखों के सामने खुद तैयार करवाते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कुल्हड़ के लिए इस्तेमाल होने वाली मिट्टी शुद्ध हो और उसमें किसी भी तरह का केमिकल इस्तेमाल न हो.

चाय को खास बनाता है दुआ जी का प्यार
दुआ जी ग्राहकों को अपने हाथों से खुद चाय तैयार कर परोसते हैं. इसके पीछे उनका मकसद आने वाले ग्राहकों का दिल जीतना होता है, जो भी दुआ जी की चाय का स्वाद चख लेता है, वह स्वाद का दीवाना हो जाता है. दुआ जी का व्यवहार चाय के स्वाद को और भी बढ़ा देता है. लोगों का कहना है कि दुआ जी बेहद प्यार से चाय तो पिलाते ही हैं और अगर तृप्ति नहीं होती तो बिना कहे फिर से कुल्हड़ चाय से भर देते हैं.

अब तक नहीं बढ़ाए चाय के दाम
अपने इलाके में चाय के लिए मशहूर होने के बावजूद भी अजय दुआ जी ने आज तक अपनी चाय के दाम नहीं बढ़ाए. आजकल के जमाने में जहां एक ओर कुल्हड़ वाली चाय 30-50 रुपये से कम नहीं मिलती, वहीं दुआ जी 10 रुपए में लोगों को कुल्हड़ वाली चाय पिलाते हैं.

कुम्हारों भी मिल रहा काम
दुआ जी का कहना है कि मिट्टी के कुल्हड़ में चाय, कॉफी देने के पीछे उनका मकसद सिर्फ लोगों को देश की संस्कृति से जोड़ना है. कुल्हड़ का इस्तेमाल सेहत के लिए तो फायदेमंद है ही पर्यावरण के लिए अच्छा है. कुम्हारों को भी रोजगार मिल रहा है. दुआ जी की चाय स्वाद के साथ-साथ आपकी जेब, सेहत और पर्यावरण के लिए बहुत अच्छी है.

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Author: Jagran Times

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