
ओम प्रयास/हरिद्वार. अगर आप सावन में हरिद्वार जल लेने आए हैं तो हरिद्वार पुलिस द्वारा जारी किए गए इस ‘क्यूआर-कोड’ की मदद से आपको हरिद्वार में पार्किंग, गंगा घाट, खोया पाया केंद्र जैसी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां केवल ‘क्यूआर-कोड’ स्कैन करके ही मालूम हो जाएंगी. हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए एक क्यूआर कोड जारी किया है, जिसकी मदद से कांवड़ियों को आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलेगा.
यदि यह क्यूआर कोड आप अपने मल्टीमीडिया मोबाइल फोन से स्कैन करेंगे तो आपको पुलिस द्वारा मदद की जाएगी. इस क्यूआर कोड पर आपको हरिद्वार पुलिस अधिकारियों समेत नोडल अधिकारी, कांवड़ के नोडल अधिकारी और अन्य सभी जरूरी नंबर आसानी से प्राप्त हो जाएंगे, जिनसे आपको फायदा होगा. क्यूआर कोड की वजह से कांवड़ियों को क्या कुछ फायदे होंगे, इसकी जानकारी करने के लिए हमने हरिद्वार सीओ सिटी जूही मनराल से बातचीत की.
वेबसाइट से होगा लिंक
हरिद्वार सीओ सिटी जूही मनराल बताती हैं कि हरिद्वार पुलिस द्वारा कांवड़ियों के लिए ‘क्यूआर-कोड’ बनाया गया है, जिसके माध्यम से हरिद्वार जल लेने आने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होगी. यह ‘क्यूआर-कोड’ कांवड़ यात्रा की वेबसाइट से लिंक किया गया है. इस क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद हरिद्वार वाले कांवड़ियों और श्रद्धालु सीधे कांवड़ यात्रा की ऑफिशियल वेबसाइट से लिंक हो जाएंगे, जहां पर उन्हें रूट डायवर्जन, पार्किंग, खोया पाया केंद्र और सभी महत्वपूर्ण नंबर मिल जाएंगे.
ये मिलेंगी सुविधाएं
सीओ सिटी जूही मनराल बताती हैं कि हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु और कांवड़ियों को महज एक क्लिक में ही सभी सूचनाएं मिल जाएंगी, चाहे वह रूट डायवर्जन की हो, पार्किंग की हो या फिर खोया पाया केंद्र के साथ-साथ किसी अधिकारी से बात करनी हो. साथ ही इंटर स्टेट जंक्शन यानी प्रदेश की सीमाओं पर क्यूआर कोड की पंपलेट बांटी जाएगी और उनका प्रचार प्रसार भी किया जाएगा, जिससे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो.
बिछड़ों को मिलाएगा ये QR कोड
सीओ सिटी ने बताया कि इस क्यूआर कोड को एक सिंपल तरीके से अपने फोन के कैमरे से स्कैन करेंगे तो आपके फोन पर कांवड़ यात्रा की ऑफिशल वेबसाइट खुल जाएगी, जहां आपको पुलिस अधिकारियों के नंबर, कांवड़ मेले कि सभी जरूरी सूचनाएं, रूट डायवर्जन और खोया पाया केंद्र की जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाएगी. बताया कि अगर कोई खो जाए तो ‘क्यूआर-कोड’ को स्कैन करने के बाद जब कांवड़ यात्रा की ऑफिशल वेबसाइट खुल जाएगी तो उसमे खोया पाया केंद्र के सभी अधिकारियों का नंबर होगा. जहां पर फोन करके अपने किसी मित्र या परिजन के गुम होने की सूचना दे सकते हैं. वहीं जो भी व्यक्ति आपसे खो गया है, उसकी जानकारी भी इस वेबसाइट पर आप भी देख पाएंगे.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 19:03 IST





