
समंदर की गहराई में दफन टाइटैनिक जहाज (Titanic Ship) को टाइटन सबमरीन (Titan Submarine) में सवार होकर देखने गए सभी पांच सवारों की मौत हो चुकी है, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इन लोगों के शव बरामद हो सकेंगे? इस संभावना के बारे में चर्चा चल रही है. सबमर्सिबल (Titan submersible) के एक प्रसिद्ध विशेषज्ञ ने इस बारे में अपनी राय जाहिर की है. उनका मानना है कि गहरे समुद्र के दबाव की विनाशकारी शक्ति बहुत अधिक होती है और ऐसे में इतनी गहराई से पनडुब्बी में सवार सभी लोगों के शव अवशेषों को ढूंढ पाना बहुत चुनौतियों भरा होगा, या कहें तो उसकी संभावना बेहद कम है. उन्होंने इस हादसे और इसके कारण समेत कई और अहम सवालों पर भी संभावना जाहिर करती राय सामने रखी है.
सबमर्सिबल के एक प्रसिद्ध विशेषज्ञ और निजी उप कंपनी सब-मर्ज के सह-संस्थापक ओफ़र केटर कहते हैं कि ‘समुद्र के भारी दबाव के कारण टाइटन सबमर्सिबल के जहाज के हिस्से टूट गए होंगे, जिससे वे लगभग ‘वापस हासिल नहीं किए जाने के हालात में होंगे’. समुद्र में इस बल के कारण टाइटन पर अत्यधिक दबाव पड़ने से वह तेजी से ढहा होगा, जिससे उसके कुछ हिस्से बारीक धूल जैसी की अवस्था में आ गए होंगे.
दरअसल, टाइटन सबमरीन पर सवार पांच व्यक्ति ऐतिहासिक “टाइटैनिक” जहाज के मलबे को देखने के लिए एक अभियान पर निकले थे.. यह जहाज अप्रैल 1912 में कथित तौर पर एक हिमखंड से टकराने के बाद डूब गया था.
मीडिया रिपोर्ट कहती हैं कि शवों के ठीक हालत में होने की संभावना बेहद कम है. टाइटैनिक के मलबे से लगभग 1,600 फीट (480 मीटर) की दूरी पर स्थित क्षतिग्रस्त पनडुब्बी के पांच हिस्सों की खोज से पता चलता है कि विस्फोट की ताकत ने इसे बेहद नुकसान पहुंचाया.
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अत्यधिक दबाव की वजह से नष्ट हुआ होने की प्रबल संभावना
केटर ने बताया कि दबाव कक्ष, जहां यात्रियों को बैठाया गया था, संभवतः उस सामग्री के कारण अत्यधिक दबाव की वजह से नष्ट हो गया, जिससे इसका निर्माण किया गया था. विस्फोट ने इस कक्ष को चूर-चूर कर दिया होगा, जिससे यह धूल में बदल गया होगा. हालांकि उन्होंने कहा कि टाइटेनियम या कुछ स्टील्स जैसी मजबूत सामग्रियों से बने अन्य घटक बच गए होंगे और वे वही हैं जो मलबे में पाए गए थे. वह आगे कहते हैं कि गहरे समुद्र के दबाव की विनाशकारी शक्ति बहुत अधिक होती है और इतनी गहराई से चालक दल के अवशेषों को पुनर्प्राप्त करन करना बेहद चुनौतियां भरा होगा. उनका कहना है कि सबमर्सिबल मिलीसेकेंड के भीतर फट गया होगा और परिणामी बलों ने संभवतः गंभीर क्षति पहुंचाई होगी, जिससे यह अत्यधिक असंभव हो गया है कि दबाव कक्ष का कोई भी भाग, जहां लोग मौजूद थे, वे बचे होंगे.
शव खंडित होकर बिखर गए होंगे: विशेषज्ञ
विशेषज्ञ ओफ़र केटर के अनुसार, विस्फोट की प्रकृति से पता चलता है कि शव खंडित हो गए होंगे या बिखर गए होंगे, जिससे उनकी संभावित पुनर्प्राप्ति के प्रयास और भी जटिल हो जाएंगे. इसके अतिरिक्त, अत्यधिक गहराई जहां सबमर्सिबल टिकी होती है, अतिरिक्त बाधाएं उत्पन्न करती है. अत्यधिक दबाव, अंधेरा और बेहद ठंडा तापमान इसे मानव पहुंच के लिए एक दुर्गम वातावरण बना देता है. इन कारकों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि टाइटन सबमर्सिबल से शवों की बरामदगी की संभावना नहीं है.
सबमर्सिबल टाइटन
18 जून को सबमर्सिबल न्यूफ़ाउंडलैंड के तट पर डूबे हुए ‘टाइटैनिक’ के मलबे का पता लगाने के अभियान पर निकला था, लेकिन दो घंटे बाद ही उसका संपर्क टूट गया था. पनडुब्बी को ओसियनगेट एक्सपीडिशन द्वारा चलाया गया था, जो गहरे समुद्र में अभियान चलाता है, जिसकी लागत प्रति व्यक्ति लगभग 250,000 डॉलर होती है.
‘अकल्पनीय’ टाइटैनिक, जो वापस नहीं लौट सका
आरएमएस टाइटैनिक, जिसे अपनी पहली यात्रा शुरू करने से पहले “अकल्पनीय” करार दिया गया था, इंग्लैंड के साउथेम्प्टन से न्यूयॉर्क शहर के सफर पर निकला था. यह विशाल जहाज अटलांटिक पार जाने से पहले सबसे पहले चेरबर्ग, फ्रांस और क्वीन्सटाउन, आयरलैंड में रुका. इसे प्लायमाउथ, इंग्लैंड और चेरबर्ग के रास्ते वापस लौटना था, लेकिन यह कभी न्यूयॉर्क नहीं पहुंच पाया.
15 अप्रैल 1912 को लगभग 2,240 लोगों के साथ यह अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकराया और दो भागों में टूट गया और समुद्र के तल में डूब गया, जिससे लगभग 1,500 लोग मारे गए थे.
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Tags: Submarine, Submarines
FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 12:50 IST





