
महिमा जैन
जयपुर. राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अशोक गहलोत सरकार लगातार प्रयासरत है. राजस्थान पर्यटन विभाग ने घरेलू और विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए दो सर्किट विकसित किए हैं. पर्यटन विभाग इन्हें मूर्त रूप देने में जुटा हुआ है. धार्मिक पर्यटन के तहत करीब 235 करोड़ रुपए विभिन्न परियोजनाओं के लिए स्वीकृत किए जा चुके हैं.
प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए इन दो नए सर्किट का नाम ‘सर्व धर्म समभाव- धार्मिक तीर्थ सर्किट’ और ‘शेखावाटी सर्किट’ रखा गया है. करोड़ों रुपये की लागत से बनाए जा रहे इन सर्किट के तहत कई तरह के विकास कार्य किए जाएंगे. इनमें जयपुर, डूंगरपुर और सीकर जिलों के मंदिर मुख्यतः शामिल हैं.
दो सर्किट किए जा रहे विकसित
प्रदेश सरतार द्वारा दो सर्किट विकसित किए जा रहे है जिसमें पहले सर्किट को ‘सर्व धर्म सम्भाव – धार्मिक तीर्थ सर्किट’ नाम दिया गया है. जयपुर, अजमेर, सीकर, चित्तौडगढ, सवाई माधोपुर, करौली, माउंट आबू, भीलवाड़ा और झालावाड़ जिलों को जोड़ते हुए ‘सर्व धर्म सम्भाव’ सर्किट विकसित किया जा रहा है. इस सर्किट के तहत हिन्दू, मुस्लिम, सिख और जैन तीर्थ क्षेत्रों का विकास व संवर्धन किया जा रहा है. करीब 89.33 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के विभिन्न जिलों में मंदिरों का नवीनीकरण और पर्यटकों की सुविधाओं के लिए विकास कार्य किए जा रहे हैं. वहीं सीकर और झुंझुनू जिलों को जोड़ते हुए ‘शेखावाटी सर्किट’ विकसित किया गया है और इसके तहत इन दोनों जिलों की हवेलियों का जीर्णोद्धार, संरक्षण और संवर्धन किया जा रहा है.
पर्यटकों के लिए बनेगा आकर्षण का केंद्र
सर्वधर्म सर्किट धार्मिक पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकता है. राजस्थान सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है. यही कारण है कि जयपुर स्थित गोविंद देव जी मंदिर का 100 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर विकास किया जाएगा और डूंगरपुर स्थित बेणेश्वर धाम का 100 करोड़ व सीकर स्थित खाटू श्याम जी का भी विकास कार्य किया जाएगा.
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FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 14:41 IST





