
अरविंद शर्मा/भिंड. जिले के युवा कई सालों से रोजगार की तलाश में भटक रहे थे जब वर्षों तक हाथ कुछ नहीं लगा तो वे खेती-किसानी करने लगे. भिण्ड जिले के दबोह निवासी माताप्रसाद कुशवाहा सालों से रोजगार की तलाश में थे. मध्य प्रदेश ही नही अन्य राज्यों में भी बहुत हाथ पैर-मारे फिर भी नौकरी का सहारा नहीं मिल सका. आखिर में माता प्रसाद कुशवाहा ने खेती को ही अपना रोजगार समझकर आधुनिक तरीके से खेती करना शुरु करना शुुरु कर दी.
कुशवाहा अपने खेत में लौकी, कद्दू, पत्तागोभी जैसे अनेक सब्जियों की पैदावार कर रहे है. इसी खेती से लाखों की कमाई कर रहे है. माताप्रसाद के साथ उसकी छोटी बेटी भी हाथ बटाती है. अब बेटी रॉक्सी को भी आधुनिक खेती करने की जानकारी हो चुकी है जिनसे अन्य लोग भी जानकारी लेने आते है.
बाजार में सही भाव न मिलने से दुखी
माता प्रसाद बताते है कि सब्जी की खेती में पैदावार अच्छी होती है, मुनाफा भी ठीक हो रहा है लेकिन कभी-कभी सही भाव भिण्ड मंडी में नहीं मिल पाता जिससें हमें नुकसान भी उठाना पड़ता है. इस बार हमने पत्ता गोभी की फसल तैयार की, लेकिन सही भाव नहीं मिल सका जिससे हमें बेचने से ज्यादा उस फसल को तुड़वाने में खर्चा आ रहा था. फिर उस पत्तागोभी को हमे उसी खेत में नष्ट करना पड़ा, ऐसे ही कई बार नुकसान झेलना पड़ता है.
इस फसल से कम समय में ज्यादा मुनाफा
उन्होंनेे ने बताया कि पालक की बुवाई तीन सीजन में कर सकते हैं. पालक की खेती के लिए किसी भी तरह की खास मिट्टी की जरूरत नहीं होती है. 8 हजार रुपए में करीब आधा एकड़ में खेती हो सकती है. इससे करीब 50 क्विंटल तक उत्पादन मिलता है. बाजार में किसानों को इसके लिए औसतन 10 रुपए प्रति किलो भाव मिलता है. पालक खेती करने से किसान भाई बेहद ही कम टाइम में लगभग 50 हजार रुपए कमा सकते हैं.
कब होती है लौकी की खेती
लौकी की खेती को किसी भी क्षेत्र में सफलतापूर्वक की जा सकती है. लौकी की खेती उचित जल निकासी वाली जगह पर किसी भी तरह की भूमि में की जा सकती है. लेकिन उचित जल धारण क्षमता वाली जीवाश्म युक्त हल्की दोमट भूमि इसकी सफल खेती के लिए सर्वोत्तम मानी गयी है. लौकी की बुआई गर्मी और वर्षा के समय में की जाती है. लौकी की फसल पाले को सहन करने में बिल्कुल असमर्थ होती है. इसकी खेती को अलग-अलग मौसम के अनुसार विभिन्न स्थानों पर किया जाता है.
.
Tags: Bhind news, Farming, Indian youths, Local18, Madhya pradesh news
FIRST PUBLISHED : June 26, 2023, 09:47 IST





