‘स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान 2023’ के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित, 11 हजार रुपये का मिलेगा इनाम

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साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में कार्यरत संस्थान ‘स्वयं प्रकाश न्यास’ ने सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वयं प्रकाश की स्मृति में दिए जाने वाले वार्षिक सम्मान के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं. न्यास के अध्यक्ष प्रो. मोहन श्रोत्रिय ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मान में कहानी, उपन्यास और नाटक विधा की किसी ऐसी कृति को दिया जाएगा, जो सम्मान के वर्ष से अधिकतम छह वर्ष पूर्व प्रकाशित हुई हो.

‘स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान 2023’ के सम्मान के लिए 1 जनवरी, 2019 से 31 दिसंबर, 2022 के मध्य प्रकाशित पुस्तकों पर विचार किया जाएगा. इस वर्ष यह सम्मान उपन्यास विधा को दिया जाएगा. कृतिकार की आयु सीमा 50 वर्ष रखी गई है. चुनी हुई कृति को सम्मान में ग्यारह हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र और शॉल भेंट किए जाएंगे.

‘स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान’ के लिए तीन निर्णायकों की एक समिति बनाई गई है जो प्राप्त प्रस्तावों पर विचार कर किसी एक कृति का चुनाव करेगी.

प्रो. श्रोत्रिय ने बताया कि मूलत: राजस्थान के अजमेर निवासी स्वयं प्रकाश हिंदी कथा साहित्य के क्षेत्र में मौलिक योगदान के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने ढाई सौ के आसपास कहानियां लिखीं और उनके पांच उपन्यास भी प्रकाशित हुए थे. इनके अतिरिक्त नाटक, रेखाचित्र, संस्मरण, निबंध और बाल साहित्य में भी अपने अवदान के लिए स्वयं प्रकाश को हिंदी संसार में जाना जाता है. उन्हें भारत सरकार की साहित्य अकादमी सहित देश भर की विभिन्न अकादमियों और संस्थाओं से अनेक पुरस्कार और सम्मान मिले थे. उनके लेखन पर अनेक विश्वविद्यालयों में शोध कार्य हुआ है तथा उनके साहित्य के मूल्यांकन की दृष्टि से अनेक पत्रिकाओं ने विशेषांक भी प्रकाशित किए हैं. 20 जनवरी, 1947 को जन्मे स्वयं प्रकाश का निधन कैंसर के कारण 7 दिसम्बर, 2019 को हो गया था.

प्रो. श्रोत्रिय ने बताया कि बनास जन पत्रिका के सम्पादक और युवा आलोचक डॉ. पल्लव को ‘स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान’ का संयोजक बनाया गया है, वे इस सम्मान से सम्बंधित समस्त कार्यवाही का संयोजन करेंगे. सम्मान के लिए प्रविष्टियां डॉ. पल्लव को 15 अगस्त, 2023  तक ‘बनास जन’ के पते (393, डीडीए, ब्लॉक सी एंड डी, शालीमार बाग़, दिल्ली -110088) पर भिजवाई जा सकेगी. साहित्य और लोकतान्त्रिक विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए गठित स्वयं प्रकाश स्मृति न्यास में कवि राजेश जोशी (भोपाल), आलोचक दुर्गाप्रसाद अग्रवाल (जयपुर), कवि-आलोचक आशीष त्रिपाठी (बनारस), आलोचक पल्लव (दिल्ली), अंकिता सावंत (मुंबई) और अपूर्वा माथुर (दिल्ली) सदस्य हैं.

मनोज कुमार पांडेय और शिरीष खरे को मिला सम्मान
वर्ष 2021 और 2022 के लिए ‘स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान’ मनोज कुमार पांडेय और शिरीष खरे को प्रदान किया गया था. इस वर्ष जनवरी में नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेला में दो वर्ष के ‘स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान’ प्रदान किए गए थे. मनोज कुमार पांडेय को उनके कहानी संग्रह ‘बदलता हुआ देश’ और शिरीष खरे की पुस्तक ‘एक देश बारह दुनिया’ के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया था.

Tags: Books, Hindi Literature, Hindi Writer, Literature

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Up Head Line
Author: Up Head Line

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